घोटाला: जेई व ठेकेदारों की जुगलबन्दी, खुदाई के बजाय जेसीबी मशीन से खरोंची जा रही माइनर व नहरें
जेसीबी का डीजल व समय बचाकर लाखों के बजट का फिर बन्दरबांट की साजिश, कहीं डूबेंगी तो कहीं सूखेंगी फसलें
ऊंचाहार व रोहनिया क्षेत्र में मानक के विपरीत हो रही माइनर व नहरों की खुदाई, किसानों में आक्रोश
ऊंचाहार क्षेत्र की अधिकांश माइनर व नहरों की खुदाई अधूरी, घास-फूस से जकड़ी
तेजस टूडे सं.
अनुभव शुक्ला
सलोन, रायबरेली। जिले में फैले भ्रष्टाचार के मकड़जाल में प्रतिवर्ष एक बड़ा भ्रष्टाचार होता है जिसका नाम है नहर/ माइनर खुदाई घोटाला। जी हां, यह वह घोटाला है जिसमें जुगाड़ू तंत्र से ठेकेदार पहले खुदाई का टेंडर हथियाते हैं फिर हल्का क्षेत्र के जेई की सांठ-गांठ से खेल शुरू होता है। नहर व माइनरों की आधी अधूरी सफाई करके पानी छोड़ दिया जाता है। अंजाम यह होता है की नहर माइनरों के लबालव भराव और कटान के कारण खेती करने वाले किसानों के कई बीघा गेहूं व आलू की फसलें डूब जाती हैं।जेई और ठेकेदारों की जुगलबंदी से खुदाई के नाम पर लाखों का बंदरबांट होता है। ऐसे ही हर वर्ष किसानों को नहर व माइनरों की खुदाई के नाम पर छला जाता है।
इस बार भी ऊंचाहार व रोहनिया ब्लाक क्षेत्र की नहरों और माइनरों की तेजस टूडे ने जब पड़ताल किया तो पता चला कि प्रतापपुर, सलारपुर माइनर की खुदाई में खानापूरी की गई है। सूनसान क्षेत्रों में बीच बीच बिना खुदाई के ही नहर को छोड़ दिया गया है। पुल और चकरोड के पास जेसीबी के पंजों के निशान बना दिए गए हैं। अगल—बगल नहरों के वैसे ही घास उगी है। ऐसे ही इटौरा टोल के पास रामगढ़ माइनर की भी खुदाई में जमकर मनमानी हुई है। माइनर जेसीबी से सिर्फ खरोंची गई है। जेसीबी से नाम मात्र की सिल्ट निकाल लिया गया। आस—पास घास नहर में लटक रही है। नजनपुर, मीरा रामसंडा सरबधा कुशुबी भीख की नहर को भी कुछ दूर पर सार्वजनिक स्थानों पर खोदकर बीच—बीच में अधूरी छोड़ दी गई है। ठेकेदार ने सिर्फ जेसीबी के पंजों से जुताई की है नहर में सिल्ट वैसे ही है। खुदाई के मानकों को ताक पर रखकर नहर को जेसीबी से खरोंच कर थोड़ी सिल्ट निकालकर ठेकेदार चलता बना। कंदरांवा माइनर को भी कुछ दूर पर जेसीबी से खरोंच कर ठेकेदार खुदाई के नाम पर खानापूर्ति कर चंपत हो गया।
स्थानीय किसानों की मानें तो सम्बंधित जेई को ठेकेदार की इन करतूतों की जानकारी है किंतु उनकी करतूतों को नजरअंदाज कर रहे हैं। अभी तक माइनरों का हाल जस का तस है। ऐसे ही किशुनदासपुर माइनर को भी खुदाई के नाम पर सिर्फ जेसीबी मशीन से खरोंचा गया है। पूरे माइनर की गहनता से निरीक्षण में कई जगह जेसीबी मशीन के पंजे ही नाम मात्र के लिए पड़े हैं। सार्वजनिक रास्तों के पास सिल्ट निकालकर सूनसान जगह व किसानों के खेतों के पास बिना खुदाई के ही ठेकेदार भाग खड़े हुए हैं। जेई के चहेते ठेकेदारों द्वारा नहर व माइनरों की खुदाई के नाम पर की जा रही अनियमितता से क्षेत्रीय किसानों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा की शिकायती पत्र में हस्ताक्षर करवा रहे हैं। जल्द ही लिखित शिकायती पत्र उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।
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