नोडल अधिकारियों ने की आकांक्षात्मक ब्लॉकों में कराये जा रहे कार्यों की समीक्षा
विभागीय डाटा को करें क्रॉस चेक, बीडीओ बनाएं विकास खण्ड कार्ययोजना
प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है आकांक्षात्मक विकास खण्ड कार्यक्रम
तेजस टूडे ब्यूरो
अंकित सक्सेना
बदायूँ। शासन स्तर से जनपद के आकांक्षात्मक ब्लॉकों में विभिन्न इंडिकेटर्स पर कराए जा रहे कार्यों के निरीक्षण, समीक्षा के लिए नामित किए गए नोडल अधिकारियों विशेष सचिव समाज कल्याण विभाग राजेन्द्र सिंह द्वितीय, विशेष सचिव सूचना एवं प्रोद्योगिकी विभाग राहुल सिंह, विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा सुनील कुमार वर्मा व विशेष सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग धीरेन्द्र सिंह सचान ने जनपदीय व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर अधिकारियों से कहा कि वह शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें तथा किसी भी विभाग की प्रगति राज्य औसत से कम ना हो, इसका विशेष ध्यान रखें। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आहूत बैठक में नोडल अधिकारियों ने जनपद के 06 आकांक्षात्मक ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों से कहा कि वह इस बात का मूल्यांकन करें कि उनका ब्लॉक क्यों पिछड़ा हुआ है तथा इसके लिए ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रेटजी (विकास खण्ड कार्ययोजना) बनाएं।
नोडल अधिकारियों ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खण्ड कार्यक्रम प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आकांक्षात्मक विकास खण्डों को नीति आयोग तथा प्रदेश सरकार द्वारा प्रोत्साहन धनराशि भी आवंटित की जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रदेश के 42 जनपदों में 108 आकांक्षात्मक विकास खण्ड हैं, जिसमें स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं सम्बद्ध सेवाएं, आधारभूत अवसंरचना तथा सामाजिक विकास के अन्तर्गत 50 इंडीकेटर्स के आधार पर कार्य किया जाता है।नोडल अधिकारियों ने अधिकारियों से कहा कि वह अपने विभागीय कार्यों की सतत निगरानी व निरीक्षण करते हुए नियमित रूप से समीक्षा करें। अधिकारी अपने विभाग से संबंधित सभी इंडिकेटर्स को अच्छी प्रकार से समझे व उसी के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने अधिकारी परस्पर विभागीय समन्वय के साथ कार्य करें। अपने विभाग के डाटा को क्रॉस चेक भी करें। जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि वह आकांक्षात्मक ब्लॉकों की नियमित रूप से समीक्षा करते रहे हैं व अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए सभी इंडिकेटर्स पर कार्य करने के लिए भी निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में नीति आयोग द्वारा आसफपुर व अंबियापुर ब्लॉक का चिन्हांकन आकांक्षात्मक ब्लॉक के रूप में किया है। वहीं राज्य सरकार के स्तर से सालारपुर, कादरचौक, उसावां व वजीरगंज ब्लॉक का चिन्हांकन किया गया है। जनपद में कुल 06 आकांक्षात्मक ब्लॉक हैं। जिन पर विभिन्न बिंदुओं पर कार्य किया जाता है। मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार ने जनपद के आकांक्षात्मक ब्लॉकों में कराए जा रहे कार्यों की प्रगति आख्या प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जनपदीय अधिकारी, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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