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तेजस टूडे ब्यूरो
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
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इस नदी पर बाढ़ से बचाव हेतु कुल 08 परियोजनाएं चल रही है। इस नदी के कारण बबुरीगांव, हेतमापुरधाम, चहलारी घाट गनेशपुर, अली नगर रानीमऊ सहित कई इलाकों में हर साल बाढ़ की समस्या विकराल रूप लेती है। सरयू नदी के तटबंध के अनुरक्षण हेतु चल रही परियोजनाओं को समय पर पूर्ण कर लिया जाएगा। बैठक में प्रभारी मंत्री ने रामनगर तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि राहत किट, भोजन, दवाओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु टेंडर प्रक्रिया समय से पूरी की जाए। बाढ़ चौकियों और शरणालयों की स्थापना समय से सुनिश्चित करते हुए, वहां कर्मचारियों की ड्यूटी भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों और परिवारों की अद्यतन सूची तैयार की जाए तथा संवेदनशील और अति संवेदनशील गांवों का चिन्हीकरण कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। सभी बाढ़ कमेटियों का गठन कर नियमित बैठकें और गांवों में बाढ़ चौपालों का आयोजन कराने पर भी बल दिया गया। नावों के संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन, लाइफ जैकेट की उपलब्धता, प्रशिक्षित नाविकों की तैनाती और मॉक ड्रिल का आयोजन भी करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को दवाओं, टीकों, ओआरएस, एंटी लार्वा, एंटी स्नैक आदि दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग को पशु टीकाकरण, चारा, भूसा और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। बैठक में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, प्रशिक्षु आईएएस तेजस के., अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीके श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी, अधीक्षण अभियंता बाढ़ खण्ड, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत, सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।








