मीशो एवं वाल्मो लॉजिस्टिक्स का फर्जीवाड़ा बेनकाब, लखनऊ में फर्जी डिलीवरी का खेल
बिना पहुंचे एवं बिना कॉल किये दर्ज हो रहा ‘ग्राहक से संपर्क नहीं हो सका’ का झूठा संदेश
तेजस टूडे ब्यूरो
लखनऊ। सूबे की राजधानी में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो और उसकी लॉजिस्टिक्स कम्पनी वाल्मो लॉजिस्टिक्स के मानस गार्डन हब के डिलीवरी नेटवर्क में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। स्थानीय कूरियर नेटवर्क और डिलीवरी एजेंटों की लापरवाही के चलते हर रोज बिना किसी डिलीवरी प्रयास के सिस्टम में “ग्राहक से सम्पर्क नहीं हो सका” दर्ज कर ऑर्डर मनमाने ढंग से रद्द किये जा रहे हैं। ग्राहकों के अनुसार सुबह ऐप पर ऑर्डर “डिलीवरी के लिए निकला है” दिखाया जाता है और व्हाट्सएप पर डिलीवरी एजेंट का मोबाइल नंबर भेजा जाता है लेकिन दिन भर न कोई एजेंट मौके पर पहुंचता है और न ही कोई कॉल आती है। शाम होते ही सिस्टम में “डिलीवरी असफल” का फर्जी संदेश डाल दिया जाता है। जारी किए गए नंबर पर संपर्क करने पर फोन लगातार बंद (स्विच ऑफ) मिलता है।
हब स्तर पर अनदेखी एवं उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत
स्थानीय हब स्तर पर शिकायतों का निस्तारण करने के बजाय फर्जी स्थिति को स्वीकार कर सामान को “विक्रेता को वापस” दर्ज कर दिया जाता है। इस लगातार हो रही धांधली और उपभोक्ता उत्पीड़न को लेकर पीड़ित ग्राहकों ने उच्च स्तरीय अधिकारियों और प्रशासनिक निकायों के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है।
सख्त कार्यवाही की चेतावनी
उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 के तहत यह मामला सीधे तौर पर ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ और ‘सेवा में कमी’ का संगीन मामला है। यदि जल्दी ही हब ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और फर्जीवाड़े की गलती नहीं सुधारी तो पीड़ित ग्राहकों का कहना है कि वे इस फर्जीवाड़े के मौजुदा पुख्ता सबूतों के साथ उपभोक्ता आयोग और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से मानस गार्डन हब के डिलीवरी रिकॉर्ड की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार कूरियर नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करने की मांग करेंगे। अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले को क्या मीशो कंपनी द्वारा संज्ञान में लिया जाता है या फिर यह गंभीर धोखाधड़ी का मामला सीधा उच्च प्रशासनिक स्तर पर पहुंचता है?













