Jaunpur News: 1971 से अनवरत चली आ रही बनकट की ऐतिहासिक रामलीला

  • 1971 से अनवरत चली आ रही बनकट की ऐतिहासिक रामलीला

  • राम की लीला धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक एकता का प्रतीक है: कृष्ण मोहन

तेजस टूडे सं.
अजय पाण्डेय/बाबा रमेश
मछलीशहर, जौनपुर। विकास खण्ड मुंगराबादशाहपुर अन्तर्गत ग्रामसभा बनकट तहसील मछलीशहर में वर्ष 1971 में स्व. राधाकृष्ण तिवारी द्वारा स्थापित ऐतिहासिक रामलीला का आयोजन प्रत्येक वर्ष कि भांति समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से किया जा रहा है। 21 से 24 अक्टूबर तक चलने वाली इस 4 दिवसीय रामलीला में ग्रामसभा के सभी जाति और बस्तियों के लोग उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। रामलीला में प्रतिदिन भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जा रहा है।
चार दिवसीय आयोजन के अनुसार 21 अक्टूबर को नारद मोह से अहिल्या उद्धार तक के प्रसंगों का मंचन होगा। 22 अक्टूबर को धनुष यज्ञ से श्रीराम वनगमन तक की लीला का मंचन होगा। 23 अक्टूबर को केवट संवाद से सीता हरण तक तथा 24 अक्टूबर को सुग्रीव मित्रता से अहिरावण वध तक की लीला का मंचन होगा।
बताया गया कि इस वर्ष रामलीला का आयोजन पूर्व न्यायाधीश कृष्ण मोहन तिवारी के मार्गदर्शन एवं अगुवाई में समस्त ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से किया जा रहा है। ग्रामवासियों की सक्रिय सहभागिता इस पारंपरिक आयोजन को और भी भव्य एवं आकर्षक बना रही है। वर्ष 1971 से चली आ रही यह रामलीला क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसके माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है। साथ ही यह आयोजन ग्रामसभा की विभिन्न बस्तियों के लोगों को एक सूत्र में बाँधने तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। बनकट की ऐतिहासिक रामलीला देखने के लिये लोग दूर-दूर के गांव से आते हैं। समस्त ग्रामवासियों के सहयोग एवं सहभागिता से आयोजित यह रामलीला क्षेत्र की गौरवशाली परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रही है।