भरत मिलाप में स्वयंसेवी संगठनों ने सेवा से जीता श्रद्धालुओं का दिल
तेजस टूडे सं.
चन्दन अग्रहरि
शाहगंज, जौनपुर। स्थानीय नगर के ऐतिहासिक भरत मिलाप को सकुशल संपन्न कराने में श्रीराम लीला समिति के प्रयासों के साथ विभिन्न सामाजिक एवं स्वजातीय संगठनों की सहभागिता सराहनीय रही। धार्मिक आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों से जुड़े इस आयोजन में समाजसेवियों ने श्रद्धालुओं और राहगीरों की सेवा करके भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश दिया। स्वर्णकार समाज, अग्रहरि समाज सहित अन्य संगठनों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। श्रद्धालुओं ने श्रीराम लीला समिति की व्यवस्थाओं और सामाजिक संगठनों के सेवा कार्यों की जमकर सराहना किया।
रामचरित मानस के आदर्शों से प्रेरित दिखी सेवा भावना
गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरित मानस की चौपाई “परहित सरिस धरम नहि भाई। पर पीड़ा सम नहि अधमाई॥” के भाव को साकार करते हुए समाजसेवियों ने भरत मिलाप में पहुंचे लोगों की सुविधा का ध्यान रखा। नगर के मेन रोड स्थित अग्रहरि समाज के अध्यक्ष मनोज ड्रेसेज की ओर से चाय और पेयजल वितरित किया गया। वहीं विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान और नि:शुल्क चिकित्सा शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। सेवा कार्यों में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
सामाजिक एकता और जनसेवा का दिया संदेश
स्वर्णकार समाज शाहगंज के अध्यक्ष एवं हाईकोर्ट के अधिवक्ता सचिन वर्मा ने कहा कि धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करते हैं। ऐसे अवसरों पर श्रद्धालुओं की सेवा करना सामाजिक दायित्व है। अग्रहरि समाज के अध्यक्ष मनोज अग्रहरि ने भरत मिलाप को प्रेम, भाईचारे और पारिवारिक एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श समाज को सेवा और सद्भाव की प्रेरणा देते हैं। सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष जन्मेजय सेठ ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए सेवा कार्यों को जनहित में महत्वपूर्ण बताया। सामाजिक संस्था उजाला सोशल सोसायटी के अध्यक्ष राजकुमार सोनी ने भी कहा कि श्रद्धालु वह राहगीरों की सेवा कर आत्मिक सुख की अनुभूति होती है।













