उपडाकघर से 1.60 करोड़ सरकारी धन के गबन का हुआ खुलासा
पोस्टमार्टम सहित एक अन्य को पुलिस ने किया गिरफ्तार
तेजस टूडे ब्यूरो
अब्दुल मोबीन सिद्दीकी
उतरौला (बलरामपुर)। मंगलवार को वादी अशोक कुमार सहायक अधीक्षक डाकघर उप मंडल बलरामपुर द्वारा थाना कोतवाली उतरौला में दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर कि विपक्षी तत्कालीन पोस्ट मास्टर नरेन्द्र प्रताप उपडाकघर उतरौला द्वारा 14 दिसम्बर 2023 से 9 जुलाई 2024 तक के बीच विभिन्न तिथियों में अपने सहयोगी सुनील कुमार सहित अन्य साथियों के साथ मिल 1 करोड़ रूपये उपडाकघर उतरौला से स्टेट बैंक आफ इण्डिय़ा शाखा उतरौला में प्रेषण दिखाया गया परन्तु वास्तव में बैंक को प्रेषण नहीं हुआ।
इस प्रकार सरकारी धन का स्थायी दुर्विनियोजन किया गया तत्कालीन पोस्ट मास्टर नरेन्द्र प्रताप उतरौला द्वारा स्टेट बैंक आफ इण्डिया शाखा उतरौला में विलम्ब से जमा करने और इस प्रकार सरकारी धन का अस्थायी दुर्विनियोजन किये जाने के सम्बन्ध में थाना को0 उतरौला पर धारा 409 भारतीय दंड संहिता (बढोत्तरी धारा 467/468/471 भारतीय दंड संहिता) पंजीकृत होकर विवेचनात्मक कार्यवाही क्षेत्राधिकारी ललिया द्वारा की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार द्वारा थाना कोतवाली उतरौला क्षेत्रांतर्गत उपडाकघर में हुए उक्त सरकारी धन का स्थायी दुर्विनियोजन की घटना के संबंध में अभियोग पंजीकृत कर घटना के अनावरण व अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु दिए गए निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी उतरौला राघवेन्द्र प्रताप सिंह व क्षेत्राधिकारी ललिया डॉ0 जितेन्द्र कुमार के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली उतरौला अवधेश राज सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली उतरौला अवधेश राज सिंह मय टीम उ0नि0 अनिल कुमार, कां0 राहुल त्रिवेदी, कां0 सुरेन्द्र कुमार, कां0 विमलेश सिंह व कां0 अतीश कुशवाहा द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत धारा 409 भारतीय दंड संहिता (बढोत्तरी धारा 467/468/471 भारतीय दंड संहिता) से संबंधित वांछित अभियुक्त नरेन्द्र प्रताप पुत्र रामकुमार निवासी ग्राम रानीपुर थाना कप्तानगंज जनपद बस्ती हाल पता 1198/3 कृष्णा विहार कालोनी सिविल लाइन थाना कोतवाली नगर जनपद गोण्डा एवं सुनील कुमार पुत्र स्व0 रामतीरथ वर्ष निवासी ग्राम विशुनापुर बेलभरिया थाना खरगूपुर जनपद गोण्डा को सूचना पर गोण्डा रोड नहर पुलिया भडवाजो के पास से गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त नरेंद्र प्रताप से पूछताछ करने पर बताया कि जब मैंने उपडाकघर उतरौला का कार्यभार ग्रहण किया। उस दौरान मुझे ज्ञात हुआ कि उपडाकघर उतरौला में खजांची नियुक्त नहीं है। खजांची का कार्य भी पोस्टमास्टर द्वारा ही किया जाता है। कार्य के दौरान ही मुझे ज्ञात हुआ कि उपडाकघर उतरौला के खाते का रिकन्साईलमेंट 2-3 साल पीछे चल रहा था, इसलिए मेरे मन में अवैध धनार्जन करने का लालच आया और मैंने सोचा कि यदि मैं उप डाकघर उतरौला की सरकारी धन को अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए गबन कर लूं तो किसी को जानकारी नहीं हो पायेगी, क्योंकि रिकन्साईलमेंट पीछे चल रहा है जिससे बैंक स्टेटमेंट से मिलान संभव नहीं होगा और मेरी चोरी पकड़ी नही जाएगी। इसी का फायदा उठाते हुए मैंने पहले 25 लाख कैश जो स्टेट बैंक भेजा जाना था, बैंक न भेजकर फर्जी डाक्यूमेंट तैयार कर उसका प्रेषण दिखा दिया गया। उस पैसे को भौतिक रूप से बैंक में नहीं भेजा। इसी तरह मेरे सहयोगी सुनील कुमार द्वारा भी अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए 15 लाख रु0 का गबन कर लिया गया। जब लेन—देन की भिन्नता की जानकारी प्रधान डाकघर बलरामपुर को हुई तो गबन का रुपया मैनेज करने के लिए 20 लाख रुपया प्रधान डाकघर के कर्मचारियों को दिया गया। इस तरह मैंने व सुनील कुमार ने अन्य विभागीय कर्मचारियों के साथ मिलकर कुल 1 करोड़ 60 हजार 249 रुपये सरकारी धन का गबन कर लिया गया था।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।


















