जिला पोषण समिति की बैठक सम्पन्न
चित्रकूट। जिलाधिकारी अभिषेक आनन्द की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक कलेक्टरेट सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी तथा बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनएफएचएस-5 सर्वे को ध्यान में रखते हुए संभव अभियान 3.0 में सभी बच्चों का पुनः वजन, लम्बाई, ऊंचाई की माप कराकर पोषण ट्रैकर एप पर फीड कराएं। इसी प्रकार सैम बच्चों की सूची ईकवच एप पर फीड कराई जाए, जो बच्चे पोषण पुनर्वास केन्द्र से ठीक होकर जाते हैं, उनकी पुनः जांच आरबीएसके टीम करें। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी वीएचएसएनडी सेशन के दौरान क्षेत्र में भ्रमण अवश्य करें। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि जो ढाई किलोग्राम से कम वजन वाले बच्चे हैं, उनकी सूची सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि गोद लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मैत्री शौचालय एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराएं। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों से कहा कि जो आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण हो रहा है, उन्हें तत्काल पूर्ण कराएं। काला चार्ट पेंट का जो कार्य रामनगर, मऊ व कर्वी में नहीं हुआ है। इसमें सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी तत्काल कराएं। उन्होंने कहा कि सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अगले माह पोषण ट्रैकर की फीडिंग 95 प्रतिशत से कम नहीं होनी चाहिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास मनोज कुमार से कहा कि बाल विकास परियोजना बार रिपोर्ट दें कि किन केन्द्रों पर वजन मशीनें खराब हो गई हैं या नहीं है। सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी पोषाहार का वितरण सही तरीके से कराएं। बाल विकास परियोजना अधिकारी मानिकपुर को निर्देश दिए कि जिन केन्द्रों से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा सैम बच्चों की रिपोर्ट शून्य दिया है, उनको निर्देश दें कि सही तरीके से सर्वे करें नहीं तो उनका मानदेय रोका जाए। साथ ही उन केन्द्रों का निरीक्षण करें, अगर गलत पाया जाए तो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सेवाएं समाप्त की जाए। प्रभारी चिकित्साधिकारी मऊ से कहा कि जिन केन्द्रों पर वजन मशीनें नहीं है, वहां पर ग्राम स्वास्थ्य निधि से खरीद कराई जाए, जो सैम बच्चे अभी तक चिन्हित किए गए हैं, उस रिपोर्ट को प्रभारी चिकित्साधिकारी लेकर फीडिंग कराएं। अगर एक सप्ताह के अंदर यह कार्य नहीं हुआ तो प्रभारी चिकित्साधिकारियों व डीसी पीएम के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिन आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल कनेक्शन नहीं हुए हैं, उसकी सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए कि एक से 17 अगस्त तक स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा। जिसमें आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनिश्चित कराएं कि जब बच्चा पैदा होता है तो उस बच्चे को मां का दूध अवश्य पिलाया जाए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अमृतपाल कौर, डीसी मनरेगा धर्मजीत सिंह, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एमके जतारिया, जिला पंचायत राज अधिकारी कुमार अमरेंद्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला पूर्ति अधिकारी संजय मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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