खाद की कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर प्रशासन सख्त
तेजस टूडे ब्यूरो
बृजेन्द्र कुमार
मौदहा, हमीरपुर। स्थानीय कस्बे में खाद के नाम पर किसानों से लूट के संबंध में जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में सोमवार को उपजिलाधिकारी मौदहा करणवीर सिंह एवं जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर ने मौदहा स्थित उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मेसर्स जय महाकाल ट्रेडर्स, मौदहा के उर्वरक प्रतिष्ठान पर रेट बोर्ड अद्यतन नहीं पाया गया तथा स्टॉक रजिस्टर एवं बिक्री रजिस्टर मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। इन अभिलेखों के उपलब्ध न होने के कारण किसानों से दूरभाष पर वार्ता कर निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक की बिक्री की पुष्टि नहीं की जा सकी। साथ ही पीओएस मशीन में प्रदर्शित उर्वरक के स्टॉक का मौके पर उपलब्ध स्टॉक से मिलान करने पर हल्की भिन्नता पाई गई। इन अनियमितताओं के दृष्टिगत मेसर्स जय महाकाल ट्रेडर्स, मौदहा का उर्वरक लाइसेंस निलंबित किया गया।
इसके अतिरिक्त मेसर्स बालाजी खाद भंडार, मौदहा स्थित उर्वरक प्रतिष्ठान का भी औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यहां स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर एवं रेट बोर्ड अद्यतन पाए गए। पीओएस मशीन में प्रदर्शित उर्वरक के स्टॉक का मौके पर उपलब्ध स्टॉक से मिलान भी किया गया। हालांकि उर्वरक का रखरखाव उचित ढंग से न किए जाने तथा बिक्री रजिस्टर में कुछ कृषकों के सम्पूर्ण मोबाइल नंबर अंकित न होने के कारण संबंधित प्रतिष्ठान को उर्वरक का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने एवं बिक्री रजिस्टर में सभी कृषकों के मोबाइल नंबर अंकित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान महाकाल खाद भंडार, बड़े चौराहा के नाम से कोई उर्वरक प्रतिष्ठान नहीं पाया गया।
किसान भाइयों से अपील है कि वे दलहन एवं तिलहन की बुवाई के लिए अपनी वर्तमान आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक प्राप्त करें। आगामी माह में गेहूं की बुवाई के लिए भी शासन स्तर से उर्वरक का आवंटन किया जा चुका है तथा इसकी आपूर्ति निरंतर जारी रहेगी। जनपद में यूरिया एवं फॉस्फेटिक उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। किसान अनावश्यक रूप से परेशान न हों और न ही उर्वरक का अनावश्यक भंडारण करें। फसलों की आवश्यकता के अनुसार निजी एवं सहकारी केंद्रों के माध्यम से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। जनपद के किसानों को रबी फसलों की बुवाई के लिए सुगमतापूर्वक उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से सतत निगरानी की जा रही है। किसानों में इफको डीएपी के प्रति अधिक रुझान होने के कारण इसकी मांग अधिक है। इसको देखते हुए इफको डीएपी की अधिक से अधिक आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।













