योगी कैबिनेट का सुन्नी वक्फ बोर्ड को जमीन देने का फैसला

मंदिर निर्माण के लिये ट्रस्ट भी बना

अजय कुमार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या के रौनाही में 5 एकड़ जमीन देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गयी है। लोक भवन में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इस फैसले को हरी झण्डी दी गयी। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिये न्यास बनाने की घोषणा के साथ ही योगी आदित्यनाथ सरकार ने मस्जिद के लिये भी 5 एकड़ जमीन देने का एलान कर किया है। योगी सरकार द्वारा अयोध्या के रौनाही में सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने का फैसला किया है। यह जमीन लखनऊ अयोध्या हाईवे पर अयोध्या से करीब 20 किलोमीटर पहले है।

गौरतलब हो कि सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले पर फैसला सुनाते हुए सरकार को 5 एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को दिये जाने का आदेश दिया था। बोर्ड इस जमीन का जैसा चाहें प्रयोग कर सकता है। चाहे वह मस्जिद बनाये या कुछ और। उधर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ स्थल नाम का ट्रस्ट बनने का भी फैसला हो गया है जो राम मंदिर निर्माण से जुड़े निर्णय लेने के लिये स्वतंत्र होगा। सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिये 5 एकड़ जमीन देने पर राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। 67.2 एकड़ की जमीन जो केन्द्र के पास थी, वह भी ट्रस्ट को दी जायेगी। कैबिनेट का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में हुआ है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में राम मंदिर ट्रस्ट के गठन का ऐलान किया है। राम मंदिर ट्रस्ट पर श्री मोदी ने कहा कि इस ट्रस्ट का नाम श्री रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। यह ट्रस्ट भव्य व दिव्य मंदिर पर फैसला लेगा। राम मंदिर बनाने के लिये योजना तैयार है। राम मंदिर के लिए वृहद योजना है। ट्रस्ट को 67.03 एकड़ भूमि दी जायेगी। यहां सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राम मंदिर का निर्माण होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में राम मंदिर निर्माण के लिये न्यास (ट्रस्ट) बनाने की घोषणा किया है। बता दें कि अयोध्या में मंदिर बनाने का फैसला बीते 9 नवम्बर 2019 को ही किया जा चुका है। उम्मीद है कि आगामी अप्रैल माह में रामनवमी से अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का निर्माण शुरू हो जायेगा।