Thursday, December 1, 2022
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विश्व पर्यावरण दिवस पर वस्त्र दान फाउंडेशन के संस्था सुधांशु सिंह ने पौधारोपण किया

वाराणसी। विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर वस्त्र दान फाउंडेशन के संस्थापक सुधांशु सिंह ने अपने आवास पर 45 पौधे लगाये और उन्होने ने कहा कि आज मानव जीवन की निरन्तरता बनाये रखने के लिए संपोष्य पर्यावरण का बने रहना आवश्यक है। इसके लिए हमें पर्यावरण एवं मानव जाति के बीच बिगड़ते संबंधों को सुधारने की जरूरत है और उन्‍होंने कहा कि भूमि, जल, वायु, अग्नि एवं आकाश जीवन की संरचना के मौलिक तत्व हैं जो मानव जीवन को सजाती-सँवारती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की हैं की हर आदमी अपने जन्मदिवस के अवसर पर एक पौधा ज़रूर लगाये व उनकी केयर भी करे अगर हम सभी ऐसे ही थोड़ा-थोड़ा प्रयास करेंगे तोह प्रकृति मे ज़रूर बदलाव आयेगा। हमारे ऋषि-मुनियों ने सृष्टि के प्रारम्भ से पर्यावरण के साथ आत्मीय संबंध रखा था। क्योंकि उन्हें वायु, जल, जंगल और जमीन का जीवन के लिए महत्ता की पूरी जानकारी थी। आज हमारे ये जीवनीय तत्व संकट में पड़ गये हैं, इन्हें उबारने हेतु मिलकर पहल करने की जरूरत है।पर्यावरण जिसमें हम सभी निवास करते हैं, उसके संरक्षण के लिए सामूहिक सहयोग की आवश्यकता है। आज अधिक से अधिक वृक्षों को लगाना समय की मांग बन गई है। हम अपनी प्राचीन पद्धतियों को अपनाकर पर्यावरण को संरक्षित कर सकते हैं। कहा कि हमें पादप जैव-विविधता संरक्षण के साथ-साथ प्राणि जैव-विविधता को भी बचाने की आवश्यकता है।व उन्होने कहा कि हम सभी लोग सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं हेतु जल की व्यवस्था तथा अपने छतों पर पक्षियों के लिए किसी बर्तन में पानी और कुछ अनाज जरूर रखें जिससे विलुप्त हो रहे पशु-पक्षियों को जीवनदान मिल सकें।

वाराणसी। विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर वस्त्र दान फाउंडेशन के संस्थापक सुधांशु सिंह ने अपने आवास पर 45 पौधे लगाये और उन्होने ने कहा कि आज मानव जीवन की निरन्तरता बनाये रखने के लिए संपोष्य पर्यावरण का बने रहना आवश्यक है। इसके लिए हमें पर्यावरण एवं मानव जाति के बीच बिगड़ते संबंधों को सुधारने की जरूरत है और उन्‍होंने कहा कि भूमि, जल, वायु, अग्नि एवं आकाश जीवन की संरचना के मौलिक तत्व हैं जो मानव जीवन को सजाती-सँवारती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की हैं की हर आदमी अपने जन्मदिवस के अवसर पर एक पौधा ज़रूर लगाये व उनकी केयर भी करे अगर हम सभी ऐसे ही थोड़ा-थोड़ा प्रयास करेंगे तोह प्रकृति मे ज़रूर बदलाव आयेगा।

हमारे ऋषि-मुनियों ने सृष्टि के प्रारम्भ से पर्यावरण के साथ आत्मीय संबंध रखा था। क्योंकि उन्हें वायु, जल, जंगल और जमीन का जीवन के लिए महत्ता की पूरी जानकारी थी। आज हमारे ये जीवनीय तत्व संकट में पड़ गये हैं, इन्हें उबारने हेतु मिलकर पहल करने की जरूरत है।पर्यावरण जिसमें हम सभी निवास करते हैं, उसके संरक्षण के लिए सामूहिक सहयोग की आवश्यकता है।

आज अधिक से अधिक वृक्षों को लगाना समय की मांग बन गई है। हम अपनी प्राचीन पद्धतियों को अपनाकर पर्यावरण को संरक्षित कर सकते हैं। कहा कि हमें पादप जैव-विविधता संरक्षण के साथ-साथ प्राणि जैव-विविधता को भी बचाने की आवश्यकता है।व उन्होने कहा कि हम सभी लोग सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं हेतु जल की व्यवस्था तथा अपने छतों पर पक्षियों के लिए किसी बर्तन में पानी और कुछ अनाज जरूर रखें जिससे विलुप्त हो रहे पशु-पक्षियों को जीवनदान मिल सकें।

वाराणसी। विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर वस्त्र दान फाउंडेशन के संस्थापक सुधांशु सिंह ने अपने आवास पर 45 पौधे लगाये और उन्होने ने कहा कि आज मानव जीवन की निरन्तरता बनाये रखने के लिए संपोष्य पर्यावरण का बने रहना आवश्यक है। इसके लिए हमें पर्यावरण एवं मानव जाति के बीच बिगड़ते संबंधों को सुधारने की जरूरत है और उन्‍होंने कहा कि भूमि, जल, वायु, अग्नि एवं आकाश जीवन की संरचना के मौलिक तत्व हैं जो मानव जीवन को सजाती-सँवारती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की हैं की हर आदमी अपने जन्मदिवस के अवसर पर एक पौधा ज़रूर लगाये व उनकी केयर भी करे अगर हम सभी ऐसे ही थोड़ा-थोड़ा प्रयास करेंगे तोह प्रकृति मे ज़रूर बदलाव आयेगा। हमारे ऋषि-मुनियों ने सृष्टि के प्रारम्भ से पर्यावरण के साथ आत्मीय संबंध रखा था। क्योंकि उन्हें वायु, जल, जंगल और जमीन का जीवन के लिए महत्ता की पूरी जानकारी थी। आज हमारे ये जीवनीय तत्व संकट में पड़ गये हैं, इन्हें उबारने हेतु मिलकर पहल करने की जरूरत है।पर्यावरण जिसमें हम सभी निवास करते हैं, उसके संरक्षण के लिए सामूहिक सहयोग की आवश्यकता है। आज अधिक से अधिक वृक्षों को लगाना समय की मांग बन गई है। हम अपनी प्राचीन पद्धतियों को अपनाकर पर्यावरण को संरक्षित कर सकते हैं। कहा कि हमें पादप जैव-विविधता संरक्षण के साथ-साथ प्राणि जैव-विविधता को भी बचाने की आवश्यकता है।व उन्होने कहा कि हम सभी लोग सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं हेतु जल की व्यवस्था तथा अपने छतों पर पक्षियों के लिए किसी बर्तन में पानी और कुछ अनाज जरूर रखें जिससे विलुप्त हो रहे पशु-पक्षियों को जीवनदान मिल सकें।
Deepak Jaiswal 7007529997, 9918557796
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