भाजपा जिपंअ का छलका सपा प्रेम
बागी सुर अख्तियार कर सपा के पक्ष में मतदान करवाने की अपील का आडियो वायरल
जयशंकर दूबे/अनिल अग्रहरि
सुलतानपुर । विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान जनपद के इसौली विधानसभा सीट पर पूरे प्रदेश की निगाहें बरकरार थी जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पार्टी प्रत्याशी ओम प्रकाश पांडे बजरंगी के पक्ष में मतदाताओं को रिझाने के लिए जमकर सियासी दांव खेलें लेकिन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की जनसभा के दौरान भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह के पति ब्लाक प्रमुख शिव कुमार सिंह को मंच पर तरजीह न मिलने के चलते बगावती सुर उठ खड़े हुए थे।

भाजपा जिपंअ उषा सिंह के पति शिवकुमार सिंह द्वारा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की जनसभा का बहिस्कार करना ही जीत के बुलंदियों पर सवालिया निशान लगाते हुए संगठन में सब कुछ आल इज वेल न होने का इकलौता दावा किया था। चूंकि राजनीतिक जानकारों की मानें तो जिपंअ पति भी प्रत्याशियों की फेहरिस्त में जुड़े रहे जिस पर भाजपा प्रत्याशी को मिली हार में इस पर मुहर भी लग गई और आज सोशल मीडिया पर जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह का एक आडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ जाकर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की समर्थकों से अपील करती नजर आ रही है।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के संगठन में मतभेद की बातें आम हो चली है जिससे एक बात तो साफ हो चली है कि भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह के विरोध में विधानसभा चुनाव में सुल्तानपुर की पांचों सीट फतह करने को लेकर अरोड़ा लगाते हुए 1 सीट पर भाजपा प्रत्याशी को हार दिलाने में कामयाबी हासिल कर ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तमाम वादों और दावों पर सेंध लगा दी। बताते चलें कि सोशल मीडिया पर आडियो वायरल होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह सफाई भी देती नजर आ रही हैं। उषा सिंह की मानें तो उनका यह आडियो 2017 का है जब वह समाजवादी पार्टी से जिला पंचायत अध्यक्ष थी लेकिन हकीकत कुछ और ही है, क्योंकि सत्ता में रहने के दौरान इसौली से मौजूदा विधायक रहे अबरार अहमद से भी विवादों का पुराना नाता रहा है।
ऐसे में जहां मामला विवाद से लेकर अदालत तक का चला हो तो उस के पक्ष में मतदान की गुपचुप अपील करना और वायरल आडियो में यह कहना की आप लोग सपा के पक्ष में मतदान करें और मेरा कहीं नाम भी न आये। इससे एक बात तो साफ हो गई है कि आपसी मनमुटाव ने योगी आदित्यनाथ के सपने को साकार होने से रोक दिया। वहीं दूसरी तरफ राजनीति के जानकारों की मानें तो सरकार के गठन होने के बाद शिव कुमार सिंह व उषा सिंह की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है, क्योंकि यह मसला अब ओम प्रकाश पांडेय बजरंगी और उषा सिंह का ना होकर सीधे भाजपा व योगी के सपनों पर प्रहार से जोड़कर देखा जा रहा है।
आडियो क्लिप वायरल होने के बाद भद्द पिटता देख जिपंअ उषा सिंह ने यूटर्न लेते हुए वायरल क्लिप को 2017 के विधानसभा निर्वाचन से जुड़ा होना बता दिया जिस पर भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश पाण्डेय के पुत्र ने सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में जिपंअ उषा सिंह के पति शिवकुमार सिंह स्वयं चुनावी समर में रहे भला कौन सी पत्नी अपने पति के विरोध में सपा के लिए मतदान करने की बात कहेगी। यह क्लिप 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान का ही होना बताते हुए कहा कि जिपंअ के प्रतिनिधि कहे जाने वाले श्याम प्रीत स्वयं सपा प्रत्याशी ताहिर खां के साथ प्रचार करते नजर आ रहे हैं। अब क्षेत्र की जनता इनके चेहरे को भली-भांति जान चुकी है।
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