सामाजिक समरसता एवं समानता के प्रबल पोषक थे डाॅ. अम्बेडकर: सभाराज यादव
तेजस टूडे ब्यूरो
जयशंकर दूबे/डा. प्रदीप दूबे
करौंदी कला, सुल्तानपुर। स्थानीय विकास खण्ड स्थित राम चरन सिंह इण्टरमीडिएट काॅलेज रवनियाॅ में हर्षोल्लास के वातावरण में संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती मनायी गयी तथा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया गया।
कार्यक्रम के आरम्भ में डाॅ. अम्बेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सभाराज यादव ने कहा कि भारत रत्न बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक समरसता एवं समानता के प्रबल पोषक थे। उनका विचार था कि जब तक हम सभी को समाज में समान अधिकार नहीं मिलते, तब तक हम संवैधानिक तौर पर स्वतंत्रता की बात नहीं समझ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि संवैधानिक स्वतंत्रता की कल्पना आप सामाजिक स्वतंत्रता के बिना नहीं कर सकते हैं। धर्म के सम्बन्ध में डाॅ. अम्बेडकर का विचार था कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है श्रेष्ठ धर्म वही है जो समानता और भाईचारे का सन्देश देता हो। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षक जगदीश ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक विजय सिंह, शरद सिंह, बिमलेश शुक्ल, डाॅ. प्रदीप दूबे, ईश्वरदीन, अरविन्द पाल, चोलई सहित विद्यालय परिवार के लोग मौजूद रहे।
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