सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का किया विरोध तो रिश्वत के भूखे पुलिस ने किया ऐसा… | #TejasToday

सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्जे का किया विरोध तो रिश्वत के भूके पुलिस ने किया ऐसा… | #TejasToday

कन्नौज। कन्नौज के छिबरामऊ से रक्षक के ही भक्षक बन जाने का मामला सामने आया है। रिश्वत की भूक ने न सिर्फ सही-गलत के फासले को मिटा दिया बल्कि उत्तर प्रदेश प्रशासन के काम करने के तरीके को भी कठघरे में ला कर खड़ा कर दिया है। दरअसल मामला जिले के कुँवरपुरजनू गाँव का है जहाँ एक परिवार को दबंगों द्वारा ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा करने का विरोध करना इतना भारी पड़ गया कि पूरा परिवार सलाखों के पीछे पहुंच गया। यूपी पुलिस के विजिलेंस विभाग में तैनात रणवीर सिंह का परिवार इन्साफ के लिए भटक रहा है।

बीते 2 अप्रैल को गुप्त तरीके से बनाये गए एक वीडियो में ससैया चौकी इंचार्ज राम बदन परनवाल खुलेआम वर्दी में रिश्वत की मांग करते हुए दिखाई दे रहा है। जो कि अपने मुँह से पैसों का हिस्सा इंस्पेक्टर और सीओ में बंटने का खुलासा करते हुए अपना हिस्सा मांग रहा है और बदले मैं फर्जी मुकदमा ख़ारिज करवाने का दम भर रहा है।

दरअसल कुँवरपुरजनू गाँव में 31 मार्च को ज़मीन पर अवैध कब्जे का विवाद हुआ था। उत्तर प्रदेश पुलिस के विजिलेंस विभाग में काम करने वाले रणवीर सिंह के घर के सामने दबंग हरिओम चंद और विनोद ने सरकारी ज़मीन पर दिवार कड़ी करवाकर अवैध कब्ज़ा कर लिया। जिसकी जानकारी जब रणवीर सिंह को हुई तो वे अपने अफसरों को बता कर गाँव पहुंचे और अवैध कब्ज़े का विरोध किया।

इसी दौरान दबंगों के गुर्गों ने रनवीर पर हमला कर दिया और मौके पर पहुंचे थाना छिबरामऊ प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा और ससैया चौकी इंचार्ज राम बदन ने दबंगों की जगह पीड़ित को ही परिवार समेत थाने में लाकर फर्जी मुकदमा लिख कर गंभीर धाराओं में सलाखों के पीछे भेज दिया। जिसके बाद दबंगों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा करवा दिया गया।

इतना ही नहीं, पुलिस के अफसरों ने रणवीर से रिहाई और फ़र्ज़ी मुक़दमे को खारिज करने के लिए पैसों की मांग रख दी। पहले इंस्पेक्टर विनोद मिश्रा ने 50 हज़ार रूपए लिए उसके बाद सुसईया चौकी इंचार्ज राम बदन ने 10 हज़ार की डिमांड कर अपनी जेब गरम कर ली जिसका वीडियो पीड़ित के परिजनों ने गुप्त तरीके से बना लिया।

7 मई को पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत कानपुर आईजी रेंज मोहित अग्रवाल से की। जिसके बाद आईजी ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी कन्नौज से 1 हफ्ते में पूरी रिपोर्ट मांगी। खाकी की बदनामी देखते हुए अफसरों ने चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया जबकि इंस्पेक्टर और सीओ पर अबतक कोई कार्रवाही नहीं हुई है और ना ही पीड़ित पर लगा फर्जी मुकदमा ख़ारिज हुआ है। जमीन पर अवैध कब्ज़ा करने वाले दबंग भी खुलेआम घूम रहे हैं। अब देखना है कि पीड़ित के परिजनों को इन्साफ कब मिलता है।