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महिला किसानों के योगदान को मिला सम्मान

  • महिला किसानों के योगदान को मिला सम्मान

  • सुनीता देवी ने समूहों से जोड़ीं 306 महिलाएं

  • राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर कृषि विज्ञान केन्द्र पर हुआ आयोजन

तेजस टूडे ब्यूरो
प्रमोद गोस्वामी
संत कबीर नगर। कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को राष्ट्रीय महिला किसान दिवस का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिला किसानों को सम्मानित करने के साथ ही उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन और कृषि के माध्यम से आय बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई। इस दौरान पौली विकास खंड के शकूरचक गांव की सुनीता देवी को ग्रामीण महिलाओं को आजीविका मिशन से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीपीएन गौतम तथा जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव के मार्गदर्शन में किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. देवेश कुमार (कृषि अभियंत्रण) और डॉ. दुर्गेश मौर्य (शस्य विज्ञान) ने महिला किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, फसल अवशेष प्रबंधन, फसल उत्पादन एवं प्रबंधन, कृषि यंत्रों के उपयोग तथा वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी दी। इस अवसर पर महिला किसानों को पुष्पगुच्छ और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

18 समूहों से 306 महिलाओं को जोड़ा
पौली विकास खंड के शकूरचक गांव निवासी सुनीता देवी पत्नी रमेश कुमार ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आजीविका मिशन से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने अब तक 18 समूहों का गठन कर 306 महिलाओं को इससे जोड़ा है। इसके साथ ही वह ग्रामीण महिलाओं को कृषि एवं संबंधित विभागों की योजनाओं से जोड़ने तथा मोटे अनाज की खेती और उनसे बनने वाले उत्पादों के प्रति जागरूक करने में भी योगदान दे रही हैं।

महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और उनके योगदान पर प्रकाश डाला गया। महिला किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियां अपनाकर कृषि उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। वर्ष 2026 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के संदर्भ में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से महिला किसानों के योगदान को विशेष महत्व दिए जाने की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों की कृषि क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाना, उनके ज्ञान एवं कौशल का विकास करना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना रहा।

 

 

 

 

 

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