गरूड़ पुराण के श्रवण मात्र से मृत आत्मा सहित श्रोताओं को होता है मोक्ष: व्यास दिवाकर
तेजस टूडे ब्यूरो
उग्रसेन सिंह
जखनिया, गाजीपुर। स्थानीय क्षेत्र के परसपुर पोस्ट बुढानपुर जनपद गाजीपुर मे स्वर्गीय भरत सिंह जो उग्रसेन सिंह (पत्रकार) के बड़े भाई के असामयिक मृत्यु होने के पश्चात उनसे जाने अनजाने में त्रुटिके निमित्त उससे मुक्ति पाने के लिए उनकी याद में गरुड़ पुराण के प्रथम दिन के आयोजन में विद्वान व्यास दिवाकर पांडेय ने बताया कि जीव धरा पर अनजाने में अनेक त्रुटियां कर बैठता है जिसका प्रायश्चित मनुष्य को अवश्य भुगतना पड़ता है।
उससे मुक्ति पाने के लिए व्यास दिवाकर पांडेय ने बताया कि सूत जी द्वारा रचित गरुड़ पुराण के श्रवण से पूर्ण रूप से मुक्ति संभव है। व्यास जी ने यह भी बताया कि जीव मुक्ति हेतु नारायण की उपासना के निहित चिंतन करें। उन्होंने यह भी बताया कि ज्ञान वह माया है जो बांटने से बढ़ती है। संपूर्ण भाव से भक्ति करने पर जनकल्याण मानव को प्रगति पर ले जाता है। कार्य ऐसा करना चाहिए जो मानव को प्रगति के रास्ते पर ले जाने को विवश होते है। विद्वान व्यास द्वारा सारे पिंड जो दान किए जाते हैं, उसकी प्रमुखता से उल्लेख करने का प्रयास किया गया तथा उनकी विशेषता का प्रमुख रूप से उल्लेख किया गया कार्य ऐसा करना चाहिए जो सर्वदा आशीर्वाद प्रदान करें। सर्वे: भवंतु: सुखिन: भवन्तु हो। पूर्वजों का आशीर्वाद परिवार को पुलकित प्रज्वलित करता है तथा मुक्ति दिलाता है। फलस्वरुप परिवार पुलकित व पवित्र रहता है और विकास करता है तथा मृत आत्मा को प्रभु अपना बना लेते हैं व्यास जी ने कहा कि ऐसे आयोजन कर श्रोता वह भक्त दोनों समान भाव से लाभान्वित होते है। शोकाकुल परिवार में गरुड़ पुराण को श्रवण करते प्रमुख रूप में रामवृक्ष सिंह, गीता सिह, डॉ धर्मेंद्र सिंह, राजू रतन सिंह, राजेश सिंह, सीमा सिंह, सोनू सिंह, रीना सिंह, दीपक सिंह, पारुल सिंह आदि रहे।
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