मां के संघर्ष एवं संकल्प से बेटे ने हासिल की राष्ट्रीय स्तर पर 29वीं रैंक
99.32 प्रतिशत के साथ जेआरएफ के लिये चयनित
तेजस टूडे सं.
डा. प्रदीप दूबे
सुइथाकला जौनपुर। लगन, मेहनत और मां के संकल्प ने अनन्य पांडेय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। सीएसआईआर-यूजीसी नेट जून 2026 की परीक्षा में अनन्य ने पृथ्वी, वायुमंडलीय, महासागरीय एवं ग्रह विज्ञान विषय में देशभर में 29वीं रैंक हासिल कर जूनियर रिसर्च फैलोशिप के लिए सफलता प्राप्त की है।
क्षेत्र के अहियाई गांव की सरिता पांडेय ने अपने बेटे की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए वर्षों तक ट्यूशन पढ़ाकर उसकी पढ़ाई और परवरिश की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। मां की मेहनत और प्रोत्साहन का असर रहा कि अनन्य ने भी पढ़ाई को अपना लक्ष्य बनाकर लगातार मेहनत की।अनन्य ने भू-गर्भ विज्ञान में एमएससी की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2024 में उन्हें विश्वविद्यालय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्यपाल के हाथों गोल्ड मेडल भी प्राप्त हुआ। वर्तमान में वह डॉ. नीरज अवस्थी के निर्देशन में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से इसी विषय में पीएचडी कर रहे हैं। सीएसआईआर-यूजीसी नेट में अनन्य ने छठवें प्रयास में सफलता हासिल की। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से जारी स्कोर कार्ड के अनुसार उन्हें 99.21 प्रतिशत तक प्राप्त हुआ और जेआरएफ के लिए चयनित किया गया। परीक्षा में देश भर से हजारों अभ्यर्थी शामिल हुए थे जिनमें 29वीं रैंक हासिल करना उनकी मेधा और निरंतर परिश्रम को दर्शाता है। अपनी सफलता का श्रेय अनन्य ने अपनी मां सरिता पांडेय और शोध निर्देशक डॉ. नीरज अवस्थी को दिया। उन्होंने कहा कि मां के संघर्ष और उनके विश्वास ने हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
अनन्य की सफलता की जानकारी मिलते ही अहियाई गांव में खुशी का माहौल छा गया। प्रधान संघ अध्यक्ष राम प्रकाश दुबे, शेषनाथ पाण्डेय (ओझा), सदानन्द दूबे, बन्धु तिवारी समेत क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना किया। अनन्य की उपलब्धि उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं।











