संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा में पूविवि का परचम
सोनल को देश में दूसरा रैंक, रज्जू भैय्या के 6 विद्यार्थी उत्तीर्ण
रसायन में सूरज प्रजापति की 79वीं रैंक
6 अभ्यर्थियों ने जेआरएफ एवं नेट में बनायी राष्ट्रीय पहचान
तेजस टूडे सं.
विरेन्द्र यादव
सरायख्वाजा, जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों ने संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। विश्वविद्यालय के प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान से अध्ययनरत एवं पूर्व विद्यार्थियों सहित कुल छह अभ्यर्थियों ने जेआरएफ एवं नेट में उल्लेखनीय रैंक प्राप्त की है। इनमें सोनल शुक्ला ने जेआरएफ में देश भर में द्वितीय रैंक प्राप्त कर इस उपलब्धि को विशेष बना दिया है।
विश्वविद्यालय के लिए सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन अर्थ एंड प्लैनेटरी साइंसेज़ विषय में रहा। एम.एससी. भूविज्ञान की छात्रा सोनल शुक्ला ने यूजीसी-जेआरएफ में द्वितीय रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया। इसी विषय में एम.एससी.भूविज्ञान के अनन्य पांडेय ने 29वीं रैंक प्राप्त कर संस्थान की सफलता को और मजबूती दी।
रसायन विज्ञान में सूरज प्रजापति ने सीएसआईआर-जेआरएफ में 79वीं रैंक प्राप्त की। उन्होंने रज्जू भइया संस्थान से एम.एससी. रसायन विज्ञान की उपाधि प्राप्त की है और वर्तमान में विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड टेक्नोलॉजी, रज्जू भइया संस्थान में डीएसटी-पर्स परियोजना के अंतर्गत शोध कार्य कर रहे हैं। भौतिक विज्ञान में प्रवीण कुमार प्रजापति ने नेट में 118वीं रैंक प्राप्त की। वे रज्जू भइया संस्थान से एम.एससी.भौतिकी के विद्यार्थी रहे हैं तथा विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर रिन्यूएबल एनर्जी में डीएसटी-पर्स परियोजना के अंतर्गत भी कार्य कर चुके हैं।
गणितीय विज्ञान में भी विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज की। एम.एससी.गणित के प्रदूम कुमार शर्मा ने सीएसआईआर-जेआरएफ में 122वीं रैंक हासिल किया जबकि अनंत चौधरी ने नेट में 106वीं रैंक प्राप्त की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई देते हुये कहा कि रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित, अर्थ एंड प्लैनेटरी साइंसेज़ जैसे विविध क्षेत्रों में एक साथ मिली यह सफलता विश्वविद्यालय में निरंतर सुदृढ़ हो रही शोध संस्कृति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं और प्रभावी अकादमिक मार्गदर्शन को रेखांकित करती है।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों की सफलता उनकी प्रतिभा, अनुशासन और सतत परिश्रम का परिणाम होने के साथ विश्वविद्यालय में विकसित हो रहे उन्नत शोध एवं अकादमिक परिवेश का भी सशक्त प्रमाण है। इन उपलब्धियों ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध पहचान को नई मजबूती प्रदान किया तथा अन्य विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया है।















