बेटी की जान बचाने की गुहार लेकर मां शीतला दरबार पहुंचे दम्पत्ति
माता रानी के दरबार में झोली फैलाकर दम्पत्ति ने मानी मन्नत
माता—पिता ने जगत जननी मां शीतला के दरबार में टेका मत्था
तेजस टूडे सं.
बिपिन सैनी
चौकियां धाम, जौनपुर। जिले की एक मासूम, जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। 3 साल एक माह की नित्या सरोज स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। डॉक्टरों के मुताबिक बिटिया को 13 किलो वजन होने से पहले Zolgensma जीन थेरेपी इंजेक्शन लगना बेहद जरूरी है।जिसकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये है।
नित्या के पिता धर्मेंद्र सरोज निवासी जलालपुर सई नदी महिमापुर ने बताया कि जन्म के कुछ महीने बाद ही बिटिया के शरीर में कमजोरी दिखने लगी। बैठने और खड़े होने में दिक्कत होती थी। कई निजी डॉक्टरों को दिखाने के बाद उसे लखनऊ के वेदांता अस्पताल में दिखाया गया जहां जांच की सलाह दी गई। इसके बाद उसे दिल्ली के एम्स लेकर गये।
एम्स में विस्तृत डायग्नोसिस और जेनेटिक जांच के बाद SMA टाइप-2 की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने बताया कि इस बीमारी में शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर हो जाती हैं। इसका एकमात्र इलाज Zolgensma इंजेक्शन है। यह एक जीन थेरेपी है जो समय रहते लग जाए तो बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हो सकती है।
समस्या यह है कि यह इंजेक्शन भारत में उपलब्ध नहीं है और इसकी कीमत 12 करोड़ रुपये है। धर्मेंद्र सरोज एक सामान्य परिवार से हैं। इतनी बड़ी रकम जुटाना उनके लिए असंभव है। उन्होंने सरकार और समाजसेवियों से मदद की गुहार लगाई है।
परिजनों का कहना है कि केंद्र सरकार इस इंजेक्शन पर कस्टम ड्यूटी माफ करती है और कई राज्यों में क्राउड फंडिंग के जरिए बच्चों की जान बचाई गई है। अगर समय पर मदद नहीं मिली तो नित्या का वजन बढ़ जाएगा और इंजेक्शन बेअसर हो जाएगा। मंदिर समिति के लोगों ने माँ शीतला के दरबार में हाजिरी लगाने आए दम्पति को अश्वस्त कर मन्दिर परिवार के साथ कई दर्शनार्थियों ने सहायता धनराशि प्रदान किया। माँ शीतला के दरबार से क़ोई खाली हाथ नहीं जाता। माँ शीतला की कृपा से सब अच्छा होगा। स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों समाजसेवियों से इस मासूम बच्ची की मदद के लिए आगे आने की अपील की है।













