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Jaunpur News: आजादी के बाद से अधूरी पड़ी अहमदपुर की चकबन्दी

  • आजादी के बाद से अधूरी पड़ी अहमदपुर की चकबन्दी

  • ग्रामीणों ने जल्द प्रक्रिया पूरी कराने की उठायी आवाज

तेजस टूडे सं.
सिरकोनी, जौनपुर। स्थानीय विकास खण्ड के ग्रामसभा अहमदपुर में आजादी के बाद से लंबित पड़ी चकबंदी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से पंचायत भवन कार्यालय पर अधिकारियों और ग्रामीणों की बैठक की गई। बैठक में चकबंदी सीईओ अनिल सिंह, चकबंदी एसीओ नरेंद्र सिंह, चकबंदी कानूनगो राजकिशोर और लेखपाल महेंद्र की मौजूदगी में चकबंदी से जुड़ी समस्याओं और ग्रामीणों की परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस दौरान चकबन्दी सीईओ अनिल सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि ग्रामसभा अहमदपुर की लंबित चकबंदी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों की ओर से यह भी जानने का प्रयास किया गया कि गांव में कितने ग्रामीण चकबंदी प्रक्रिया के पक्ष में हैं और कितने इसके विरोध में। इसके लिए ग्रामीणों से हस्ताक्षर भी कराए गए। बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने चकबंदी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने के समर्थन में हस्ताक्षर किए। वहीं जिस फार्म पर चकबंदी प्रक्रिया नहीं कराने की बात लिखी गई थी, उस पर किसी ग्रामीण द्वारा हस्ताक्षर नहीं किये गये।

पत्रकारों ने जब चकबन्दी सीईओ अनिल सिंह से सवाल किया कि आखिर आजादी के बाद से अब तक ग्राम सभा अहमदपुर की चकबंदी प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हो सकी तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसके पुराने कारणों की जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अब इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। ग्रामीणों ने चकबंदी प्रक्रिया में हो रही देरी के लिए चकबंदी विभाग को जिम्मेदार ठहराया। ग्रामीणों का कहना था कि जब भी गांव में चकबंदी की प्रक्रिया शुरू होती है, किसी न किसी स्तर पर कर्मचारियों का स्थानांतरण या बदलाव हो जाता है और प्रक्रिया आगे बढ़ने के बजाय फिर वहीं की वहीं रह जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के बाद से यही सिलसिला चलता आ रहा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इसे चकबंदी प्रक्रिया कहा जाय या ‘बीरबल की खिचड़ी’, जो वर्षों से पकने का नाम ही नहीं ले रही है।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य सर्वेश सिंह ने ग्रामीणों की अगुवाई करते हुये अधिकारियों के समक्ष चकबन्दी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की मांग रखी। साथ ही कहा कि वर्षों से लंबित प्रक्रिया के कारण ग्रामीणों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान बच्चू लाल शर्मा ने भी चकबंदी को ग्रामसभा के विकास के लिये बेहद आवश्यक बताया। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि चकबंदी प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए, ताकि गांव में सड़क, नाली सहित अन्य विकास कार्यों को व्यवस्थित तरीके से कराया जा सके।
बैठक में वरिष्ठ नागरिक विनोद सिंह, अमूल सिंह, राजकुमार यादव, शिवकुमार, वीरेंद्र, विजय बहादुर, मन्ना लाल, राम भजन, शिवलोचन, अंगद, ज्ञानेंद्र, आशा देवी, रजनी, विमला, राधा समेत तमाम मौजूद रहे।

 

 

 

 

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