इंडिया हैबिटेट सेंटर ने की ‘भारत बोध केन्द्र’ की शुरुआत
केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री ने पुस्तक संग्रह का किया लोकार्पण
तेजस टूडे ब्यूरो
अतुल राय
वाराणसी। इंडिया हैबिटेट सेंटर (आईएचसी) ने हैबिटेट पुस्तकालय एवं संसाधन केंद्र में एक नई पहल भारत बोध केंद्र का लोकार्पण किया। यह केंद्र भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत के प्रति जागरूकता और समझ को बढ़ावा देने हेतु समर्पित है।
भारत बोध केंद्र में भारतीय कला, संगीत, आध्यात्म, इतिहास, दर्शन और अन्य संबंधित क्षेत्रों से जुड़ी पुस्तकों और संसाधनों का एक सुव्यवस्थित संग्रह उपलब्ध होगा। यह संग्रह आईएचसी (भारत पर्यावास केंद्र) के सदस्यों के लिए सुलभ रहेगा और इसे भारत की शाश्वत परंपराओं एवं बदलते सांस्कृतिक विमर्श के अध्ययन हेतु एक शांत, एकाग्र स्थान के रूप में विकसित किया गया है। इस केंद्र का लोकार्पण मनोहर लाल, विद्युत और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री, भारत सरकार द्वारा सायंकाल आईएचसी परिसर में किया गया। इस अवसर पर मंत्री ने इंडिया हैबिटेट सेंटर द्वारा की गई इस पहल की सराहना की और आशा व्यक्त की कि भविष्य में ऐसी और भी पहलकदमियाँ देखने को मिलेंगी। उन्होंने केंद्र में संचालित गतिविधियों,विशेष रूप से इसकी हरित पहलों (ग्रीन इनिशिएटिव्स) की प्रशंसा की और सतत जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने में इसकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही,उन्होंने केंद्र को इस दिशा में और प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा सुझाव दिया कि वह अन्य संस्थानों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील कार्यप्रणालियाँ अपनाने में मार्गदर्शन प्रदान कर सहयोग करें। लोकार्पण समारोह के पश्चात श्री कृतिकेथाला श्रीनिवास, सचिव आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय एवं अध्यक्ष, आईएचसी तथा प्रो. (डॉ.) केजी सुरेश, निदेशक, आईएचसी ने मंत्री को 9 एकड़ में फैले आईएचसी परिसर का अवलोकन कराया। उन्होंने परिसर की अनूठी वास्तुकला, पर्यावरण-हितैषी विशेषताओं और सांस्कृतिक व बौद्धिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।इस अवसर पर संजय कुलश्रेष्ठ, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, हडको, संजय शुक्ल, प्रबंध निदेशक राष्ट्रीय आवास बैंक तथा मंत्रालय एवं आईएचसी के अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
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