सनबीम स्कूल सन् 2005 से चंदौली और आसपास के इलाकों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके राष्ट्र सेवा में वृहद् योगदान के लिए जाना जाता है। शतरंज प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया तथा विजेताओं को मुख्य अतिथि कर्नल विनोद कुमार द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में लेफ्टिनेंट डॉक्टर विक्रम विभागाध्यक्ष बीएचयू शारीरिक शिक्षा विभाग,राहुल राज आईआरएएस वरिष्ठ मंडल वित्त प्रबंधक तथा विजय कुमार सचिव शतरंज संघ ने भी विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि कर्नल विनोद कुमार ने कहा कि हम सब भारत में रहते हैं और आपको यह बात पता होनी चाहिए कि भारत दुनिया में तीन चीजों के लिए जाना जाता है।उन तीन चीजों में पहली चीज है कि यह शांति और सद्भाव के लिए महान समर्थक बुद्ध की भूमि है,दूसरी प्रेम का प्रतीक ताजमहल और तीसरी महात्मा गांधी। आप भारत से बाहर कहीं भी जाएं तो लोग आपको पहचान लेंगे और आमतौर पर वह कहेंगे कि आप बुद्ध की भूमि से आए हैं। जब उन्हें पता चलेगा कि आप भारत से हैं तो वह आपका सम्मान करेंगे। लेकिन शांति में विश्वास करने का मतलब यह नहीं है कि हम अपनी इच्छा के विरुद्ध कुछ भी बर्दाश्त कर लें या किसी के प्रति कोई अनुचित कार्यवाही करें। अगर कुछ भी हमारे हितों का उल्लंघन करता है तो हम अपने दुश्मनों को अच्छा सबक सीखाने के लिए तैयार हैं और यही हमारे रक्षा बलों ने पिछले कुछ दिनों में किया है। लेकिन हम सभी सीमा पर जाकर लड़ाई नहीं लड़ सकते हैं। फिर भी हमें सीखना होगा की आंतरिक दुश्मनों से कैसे लड़ना है। यहां एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका आती है। हमें बिना हथियारों के दिमाग से लड़ना आना चाहिए। यहां शतरंज नामक खेल की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका आती है। कर्नल विनोद ने यह भी कहा कि शतरंज हमें सिखाता है कि जब दुश्मन सामने से आ रहा हो तो कैसे धैर्य रखना है और सीमित संसाधनों के साथ दुश्मन से कैसे निपटना है। उन्होंने कहा कि स्थिति का निरीक्षण करें और उसके पक्ष और विपक्ष का आंकलन करें तथा संभावित सही जवाब दें। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन की लड़ाई में थोड़ा पीछे रह जाना गलत नहीं है।लेकिन जीतना हमेशा अच्छा होता है, भले ही इसके लिए थोड़ा त्याग करना पड़े।





