HomeTrendingसरकारी टेण्डर दिलाने के नाम पर 1.53 करोड़ की ठगी

सरकारी टेण्डर दिलाने के नाम पर 1.53 करोड़ की ठगी

  • सरकारी टेण्डर दिलाने के नाम पर 1.53 करोड़ की ठगी

  • जेम पोर्टल पर रेलवे सहित अन्य सरकारी संस्थानों के फर्जी ऑर्डर दिखाकर सिक्योरिटी मनी वसूलने का आरोप

तेजस टूडे ब्यूरो
दीपक कुमार
मुगलसराय, चंदौली। सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर 1.53 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। राज टायर हाउस के मालिक अशोक कुमार जायसवाल की तहरीर पर मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने निखिल चटर्जी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई और बकाया रकम वापस दिलाने की मांग की थी। गल्ला मंडी निवासी अशोक कुमार जायसवाल ने बताया कि आरोपी ने GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल के माध्यम से रेलवे के डीएलडब्ल्यू, सीआईएसएफ समेत अन्य सरकारी संस्थानों में टेंडर दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि सरकारी ऑर्डर और टेंडर की प्रक्रिया का विश्वास दिलाकर सिक्योरिटी मनी के नाम पर उनसे करीब 1 करोड़ 53 लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से ट्रांसफर करा लिये गये।

फर्जी ई—मेल से दिलाया भरोसा
पीड़ित के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर CISF, DFCCIL, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों समेत अन्य सरकारी संस्थानों के नाम से फर्जी ईमेल भेजता था। इससे उन्हें लगता रहा कि उनकी फर्म को सरकारी काम मिलने की प्रक्रिया चल रही है। करीब एक महीने तक टेंडर की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर उन्होंने जानकारी जुटाई और रकम वापस मांगी। फरवरी 2026 में उन्हें पता चला कि उनकी फर्म के नाम पर संबंधित टेंडर हुआ ही नहीं था। इसके बाद धोखाधड़ी का मामला सामने आया। अशोक जायसवाल ने बताया कि इस मामले में कुछ रकम वापस मिली है जबकि शेष धनराशि अभी बकाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी से अब तक उन्हें लगातार दौड़ाया जा रहा है। पीड़ित के अनुसार रेलवे टेंडर दिलाने के नाम पर अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी सामने आई है। मुगलसराय कोतवाली में 10 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक सतीश प्रकाश को जांच सौंपी गई है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।

 

 

 

 

 

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