शर्मनाक दरोगा ने लिया बदला, पूर्व प्रधान को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

जौनपुर। रमजान के पवित्र महीने को देखते हुये जिलाधिकारी दिनेश सिंह की अध्यक्षता में जिला शान्ति समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी धर्मगुरूओं से अपील किया कि कोरोना वायरस के संक्रमण के दृष्टिगत रमजान के समय सभी लोग नमाज तथा तराबीह घर पर ही पढ़ें। उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से नमाज न अदा करें। शासन के निर्देशों का पालन करें। सभी लोग लॉक डाउन तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें तथा घर से बाहर न निकलें। रमजान के समय किसी को भी कोई परेशानी नहीं होने दी जायेगी। लोगों के घर तक खजूर सहित अन्य सामग्रियां ठेलों के माध्यम से पहुंचाये जायेंगे। जिलाधिकारी ने सभी से आरोग्य सेतु डाउनलोड करने सहित अन्य लोगों को भी ऐप डाउनलोड करने हेतु प्रेरित करने की अपील किया। साथ ही कहा कि लोग बैंकों व एटीएम पर भी भीड़ न लगायें। मोबाइल नम्बर 9430800816 पर फोन करके 10 हजार रूपये घर पर ही प्राप्त कर सकते हैं। आरक्षी अधीक्षक अशोक कुमार ने सभी से अपील किया कि अपने सहित परिवार तथा समाज की सुरक्षा के लिये लॉक डाउन तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ला, अपर जिलाधिकारीद्वय राम प्रकाश, डा. सुनील वर्मा, अपर आरक्षी अधीक्षक नगर डा. संजय राय, सिटी मजिस्ट्रेट सहदेव मिश्रा, क्षेत्राधिकारी नगर सुशील सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

मुस्ताक आलम जंसा, वाराणसी। स्थानीय थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में बुधवार को धर्मराज चौहान गांव के कोटेदार देवीचरण के यहां राशन लेने के लिए गया था जहां कोटेदार ने उस राशन देने से इंकार कर दिया। लाभार्थी जब कोटेदार का विरोध करते हुए अपने हक की बात किया तो कोटेदार आग बबूला होते हुए उसे देख लेने की धमकी देने लगा। पीड़ित ने कोटेदार की करतूत की वीडियो बना लिया। वीडियो बनाए जाने से क्षुब्ध कोटेदार ने 112 नंबर की पुलिस को सूचना देकर अवगत कराया कि अमुक लाभार्थी दुकान पर हंगामा कर रहा है। सूचना पर 112 नंबर की पुलिस मौके पर पहुंचकर पूरी घटना से अवगत होने के बजाय लाभार्थी का मोबाइल छीनकर पहले वीडियो डिलीट किया। उसके बाद पुलिस कोटेदार के पक्ष में होकर थानाध्यक्ष जंसा को झूठी सूचना देकर अवगत कराया कि अमुक व्यक्ति पुलिस वालों से दुर्व्यवहार कर रहा है। पीआरबी की झूठी सूचना पर थानाध्यक्ष जंसा रामाशीष व उपनिरीक्षक मनीष मिश्रा मौके पर पहुंचकर बगैर कुछ सोचे-समझे ही सोनबरसा गांव के पूर्व प्रधान बेचू चौहान के साथ अन्य दो लोगों को मौके पर ही बुरी तरह मारपीट करके घसीटते हुये जीप में लादते हुए थाने पर ले गए। पीड़ित पूर्व प्रधान का आरोप है कि थाने के उपनिरीक्षक मनीष मिश्रा व सिपाही राम प्रकाश यादव जीप में पिटाई करने के साथ थाने के कार्यालय में भी बुरी तरह पीटा। उसके बाद पुलिस ने प्रधान सहित 3 लोगों को 151 सीआरपीसी के तहत चालान कर दिया। आरोप तो यहां तक है कि थाने के श्री मिश्रा ने उपजिलाधिकारी के पेशकार को फोन करके सूचित किया कि पूर्व प्रधान की जमानत नहीं होनी चाहिए। पूर्व प्रधान बेचू चौहान का कहना है कि कुछ माह पूर्व गांव की एक लड़की को एक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। उसी मामले में री मिश्रा आरोपी की मदद कर रहे थे जिसका पूर्व प्रधान ने विरोध किया था। इसमें प्रधान की शिकायत पर वरिष्ठ आरक्षी अधीक्षक द्वारा उपनिरीक्षक श्री मिश्रा के खिलाफ जांच भी हुई थी। उसी खुन्नस में उन्होंने आज प्रधान से अपना बदला पूरा कर लिया। बड़ी बात तो यह है कि जंसा पुलिस ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को झूठी रिपोर्ट देकर यह अवगत कराया था कि प्रधान व उनके समर्थकों ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया था जबकि इस तरीके की कोई बात मौके पर नहीं थी। इस मामले में भाजपा नेता पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामचंद्र पाल ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है कि उपनिरीक्षक ने बदले की भावना से पूर्व प्रधान सहित अन्य दो लोगों के खिलाफ बदले की भावना से निर्ममतापूर्वक पिटाई किया है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष राज विश्वकर्मा के साथ सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीलरतन पटेल नीलू को भी संपूर्ण प्रकरण से अवगत करा कर उपनिरीक्षक श्र मिश्रा व आरक्षी राम प्रकाश यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मुस्ताक आलम
जंसा, वाराणसी। स्थानीय थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव में बुधवार को धर्मराज चौहान गांव के कोटेदार देवीचरण के यहां राशन लेने के लिए गया था जहां कोटेदार ने उस राशन देने से इंकार कर दिया। लाभार्थी जब कोटेदार का विरोध करते हुए अपने हक की बात किया तो कोटेदार आग बबूला होते हुए उसे देख लेने की धमकी देने लगा। पीड़ित ने कोटेदार की करतूत की वीडियो बना लिया। वीडियो बनाए जाने से क्षुब्ध कोटेदार ने 112 नंबर की पुलिस को सूचना देकर अवगत कराया कि अमुक लाभार्थी दुकान पर हंगामा कर रहा है।

सूचना पर 112 नंबर की पुलिस मौके पर पहुंचकर पूरी घटना से अवगत होने के बजाय लाभार्थी का मोबाइल छीनकर पहले वीडियो डिलीट किया। उसके बाद पुलिस कोटेदार के पक्ष में होकर थानाध्यक्ष जंसा को झूठी सूचना देकर अवगत कराया कि अमुक व्यक्ति पुलिस वालों से दुर्व्यवहार कर रहा है। पीआरबी की झूठी सूचना पर थानाध्यक्ष जंसा रामाशीष व उपनिरीक्षक मनीष मिश्रा मौके पर पहुंचकर बगैर कुछ सोचे-समझे ही सोनबरसा गांव के पूर्व प्रधान बेचू चौहान के साथ अन्य दो लोगों को मौके पर ही बुरी तरह मारपीट करके घसीटते हुये जीप में लादते हुए थाने पर ले गए।

पीड़ित पूर्व प्रधान का आरोप है कि थाने के उपनिरीक्षक मनीष मिश्रा व सिपाही राम प्रकाश यादव जीप में पिटाई करने के साथ थाने के कार्यालय में भी बुरी तरह पीटा। उसके बाद पुलिस ने प्रधान सहित 3 लोगों को 151 सीआरपीसी के तहत चालान कर दिया। आरोप तो यहां तक है कि थाने के श्री मिश्रा ने उपजिलाधिकारी के पेशकार को फोन करके सूचित किया कि पूर्व प्रधान की जमानत नहीं होनी चाहिए। पूर्व प्रधान बेचू चौहान का कहना है कि कुछ माह पूर्व गांव की एक लड़की को एक युवक बहला-फुसलाकर भगा ले गया था।

उसी मामले में री मिश्रा आरोपी की मदद कर रहे थे जिसका पूर्व प्रधान ने विरोध किया था। इसमें प्रधान की शिकायत पर वरिष्ठ आरक्षी अधीक्षक द्वारा उपनिरीक्षक श्री मिश्रा के खिलाफ जांच भी हुई थी। उसी खुन्नस में उन्होंने आज प्रधान से अपना बदला पूरा कर लिया। बड़ी बात तो यह है कि जंसा पुलिस ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को झूठी रिपोर्ट देकर यह अवगत कराया था कि प्रधान व उनके समर्थकों ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया था जबकि इस तरीके की कोई बात मौके पर नहीं थी।

इस मामले में भाजपा नेता पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामचंद्र पाल ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है कि उपनिरीक्षक ने बदले की भावना से पूर्व प्रधान सहित अन्य दो लोगों के खिलाफ बदले की भावना से निर्ममतापूर्वक पिटाई किया है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष राज विश्वकर्मा के साथ सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीलरतन पटेल नीलू को भी संपूर्ण प्रकरण से अवगत करा कर उपनिरीक्षक श्र मिश्रा व आरक्षी राम प्रकाश यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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