बामदेवेश्वर पर्वत पर भक्तों ने किया शिव का जलाभिषेक
भोर पहर से ही पर्वत में गुंजायमान होने लगा हर-हर-बम-बम का जयघोष
तेजस टूडे ब्यूरो
रूपा गोयल
बांदा। शिवकृपा से ओतप्रोत सावन माह के दूसरे सोमवार को शिवालयों में भूतेश्वर भगवान भोलेनाथ के दर्शन वंदन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। पूरे जिले के हरेक शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। बामदेवेश्वर मंदिर में मध्य रात्रि से ही भक्तों का दर्शन पूजन के लिए आना शुरू हो गया था जो देर रात तक चलता रहा। इसी प्रकार से कालिंजर दुर्ग स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर में भी दर्शनार्थियों की भारी भीड़ रहीं।
इसी तरह पैलानी क्षेत्र के खप्टिहा कला के पास स्थित कालेश्वर मंदिर समेत जिले के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने विधि—विधान के साथ भोलेनाथ का पूजन अर्चन किया। शिव पुराण में सावन के महीने में शिव आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। माता पार्वती ने शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिये जब विशेष रूप से तपस्या की थी, वह सावन का ही महीना था, इसलिये ऐसा माना जाता है कि भोलेनाथ के जो भक्त पूरे सावन के महीने में विधि—विधान के साथ पूजन करते हैं, उन्हें सिर्फ एक माह के पूजन से वर्ष भर का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है। शहर के प्रमुख शिव मंदिर बामदेवेश्वर मंदिर में विराजे त्रेतायुगीन देवाधिदेव भोलेनाथ के प्रतिरूप शिवलिंग के दर्शनों के लिये मध्य रात्रि से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। भोलेनाथ के भक्त हाथ में गंगाजल और दूध के साथ अन्य पूजन सामग्री लिये हुए कतारों में खड़े अपनी बारी का बेसब्री से इंतजार करते देखे गये।
इस दौरान कोई भक्त ओम नमरू शिवाय का जाप कर रहा था तो कोई बोल बम के उद्घोष से वातावरण को भक्तिमय बना रहा था। मंदिर में प्रवेश द्वार से लेकर गुफा तक महिलाओं और पुरुषों की कतारें अलग-अलग लगी हुई थीं। कैलाशपुरी के प्रमुख द्वार से लेकर मंदिर के प्रवेश द्वार और गुफा के भीतर तक ऊंचाई से देखने पर सिर्फ श्रद्धालुओं का सैलाब ही नजर आ रहा था। मंदिर प्रांगण से लेकर बाहर तक सुरक्षा के लिये पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। कतार को आगे बढ़ाने में मंदिर कमेटी के स्वयंसेवक भी लगे हुए थे।
उधर कालिंजर स्थित नीलकंठेश्वर महादेव के दर्शनों को भी भक्तों की मंदिर प्रांगण से लेकर ऊपर सीढ़ियों तक लंबी कतारें लगी रहीं। बाँदा और नरैनी कस्बे से कालिंजर जाने के लिये दर्जनों की तादाद में चार पहिया वाहनों की लाइनें लगी हुई थीं। इसके अलावा मडफा, कालेश्वर समेत सभी शिव मंदिरों में भक्तों के जयकारे गूंजते रहे।
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शिवभक्तों को सम्भालने के लिये रहा पुलिस का पहरा
बामदेवेश्वर मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार को भारी भीड़ के चलते किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। कालवनगंज चौकी प्रभारी महिला-पुरुष सिपाहियों की टीम के साथ पूरे समय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सजग रहे। मंदिरों में भीड़ भाड़ के दौरान महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं पर महिला पुलिस टीम ने अपनी नजर गड़ाए रखी। साथ ही मंदिर परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। मंदिर प्रबंधन की ओर से भी सुरक्षा की जिम्मेदारी बखूबी निभाई गई।
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