HomeTrending'अतुल अग्रवाल को रिहा करो' के नारों से गूंजा डीएम कार्यालय

‘अतुल अग्रवाल को रिहा करो’ के नारों से गूंजा डीएम कार्यालय

  • ‘अतुल अग्रवाल को रिहा करो’ के नारों से गूंजा डीएम कार्यालय

  • पत्रकारों की हिरासत के मामले में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

तेजस टूडे ब्यूरो
रूपा गोयल
बांदा। एक चैनल के प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल सहित कई अन्य पत्रकारों को हिरासत में लिये जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर अतुल अग्रवाल को रिहा करो और पत्रकार एकता जिंदाबाद के नारों से गंूजता रहा। इस मौके पर पत्रकारों ने नोएडा से हिंदी खबर न्यूज चैनल के प्रधान संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार अतुल अग्रवाल, महिला पत्रकार सुदेश नैन मौर्य, एडिटर सौरभ उपाध्याय सहित अन्य मीडियाकर्मियों को हरियाणा पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला पत्रकार जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की बांदा इकाई ने चिंता व्यक्त करते हुए पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग किया। इस संबंध में परिषद की ओर से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से हिरासत में लिए गए पत्रकारों के मामले की समीक्षा कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने तथा पर्याप्त कानूनी आधार न होने की स्थिति में उन्हें रिहा किए जाने की मांग की गई। परिषद ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने पर जोर देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अथवा स्वतंत्र न्यायिक आयोग से जांच कराने की मांग पर विचार करने का अनुरोध किया गया। परिषद ने उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की आवश्यकता भी उठाई।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि दूसरे राज्यों की पुलिस द्वारा किसी अन्य राज्य में कार्रवाई किए जाने के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पत्रकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाय जिससे पत्रकार बिना किसी भय या दबाव के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। परिषद की बांदा इकाई ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि प्रस्तुत पांच सूत्रीय मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए। परिषद का कहना है कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि वे निर्भीक होकर जनहित के मुद्दों को सामने ला सकें।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष नीरज निगम, रूपा गोयल, श्रीकांत श्रीवास्तव, अमोद कुमार, संध्या धुरिया, सुलोचना तिवारी, सीमा गिरी, आसिफ अली, सत्य नारायण निषाद, ललित यादव, पूरन रायल, जीवेश प्रकाश, सचिन धुरिया, हिमांशु शुक्ला आदि प्रमुख रहे।

 

 

 

 

 

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