जमानत न बचा पायी कांग्रेस, 2413 से ज्यादा किसी को न मिले
अंकित सक्सेना
बदायूं। कांग्रेस का जनपद से अब बजूद खत्म हो चुका है। 2022 के विधानसभा चुनाव परिणाम ने साफ कर दिया है कि यहां कांग्रेस का बजूद नोटा और छोटे दलों के बराबर तक नहीं बचा है। इसलिये इस बार के चुनाव में कांग्रेस का कोई भी प्रत्याशी 2413 से ज्यादा वोट न ला पाया और अपनी जमानत भी जब्त होने से नहीं बचा पाया है। जिले में कांग्रेस किसी भी सीट पर जमानत तक नहीं बचा पाई है।

कोई सीट ऐसी नहीं है जिस पर नोटा से भी कांग्रेस टक्कर ले पाती। विधानसभा चुनाव की मतगणना के परिणाम ने तो चौंका दिया है। कांग्रेस ने जिस तरह से प्रत्याशी उतारे और चुनाव में प्रियंका गांधी से लेकर तमाम नेताओं ने हवा भरने की कोशिश की मगर वह कोशिश मतदान में तो दूर आसपास नजर भी नहीं आई है। कांग्रेस के कई प्रत्याशियों को तो नोटा से भी कम वोट मिले हैं। चुनाव परिणाम के अनुसार बिसौली विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रज्ञा दिवाकर को केवल 1,087 वोट मिले हैं। वहीं सहसवान पर गौर करें तो यहां कांग्रेस प्रत्याशी राजवीर सिंह को 1,123 वोट मिले हैं। इसके अलावा बिल्सी विधानसभा पर ठाकुर वोटबैंक को देखकर कांग्रेस टिकट पर मैदान में आये अंकित चौहान को कुल 1,889 वोट मिले हैं। उनके समाज का वोट भी नहीं मिला है। यही हाल सदर विधानसभा पर हुआ है।
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आईं प्रत्याशी रजनी सिंह को 2,235 वोट मिले हैं। रजनी सिंह भाजपा छोड़कर आईं और प्रियंका गांधी के मिशन लड़की हूं लड़ सकती हूं पर आईं और गांव-गांव गईं। इसके बाद भी वोट हासिल ठीक-ठाक नहीं कर पाई हैं। वहीं शेखूपुर विधानसभा से आनन-फानन में ममता देवी को प्रत्याशी बनाया गया और उनको फिर यहां की जनता से सिर्फ 1,454 वोट मिले हैं। वहीं दातागंज से आतिफ खान को 2,413 वोट मिले हैं। जबकि आतिफ खान काफी पुराने कांग्रेसी नेता हैं।
1991 के बाद से आज तक नहीं जीती कांग्रेस
जिले में कांग्रेस वर्ष 1991 से लौटकर जीत हासिल न कर पाई हैं। गौर करें तो बिल्सी विधानसभा से वर्ष 1991 में अंतिम बार कांग्रेस को जीत मिली थी और भोलाशंकर मौर्य विधायक बने थे। दातागंज में वर्ष 1989 में अंतिम बार कांग्रेस से संतोष कुमारी पाठक चुनाव जीतीं। उसहैत विधानसभा पर वर्ष 1985 नरोत्तम सिंह कांग्रेस से जीते। वहीं बदायूं विधानसभा से वर्ष 1985 कांग्रेस से प्रमिला भदवार विधायक बनीं, बिनावर विधानसभा में वर्ष 1985 में मो. अकबर अहमद कांग्रेस से विधायक बने। सहसवान विधानसभा में वर्ष 1980में मीर मजहर अली कांग्रेस (आई) से विधायक बने थे। बिसौली विधानसभा में 1989 में योगेंद्र कुमार विधायक बने थे। किसी भी विधानसभा पर वर्ष 1991 के बाद से कांग्रेस नहीं जीता है।
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