चौपाल के नाम पर धोखा, गैरहाजिर रहते हैं कर्मचारी!
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प्रदेश में सरकार साप्ताहिक चौपाल का करती है आयोजन
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
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शेष कर्मचारी ग्राम पंचायत में जाने से गुरेज करते देखे जा सकते हैं। चौपाल के बारे मे किसी भी ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं होती है। न ही इस योजना के बारे मे बताते हैं। कहने को इसका स्लोगन है कि गांव की समस्या गांव मे समाधान परन्तु किसी की कोई समस्या का समाधान नहीं होता है। केवल पेंशन और किसान सम्मान निधि के सिवा कोई समस्या नहीं सुनी जाती है जबकि की भीषण गरमी में पशुओं के सिवाय जनता भी परेशान रहते हैं, उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती है जबकि सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर ब्लॉक कर्मचारी जैसे कृषि विभाग, पशु विभाग, आंगनबाड़ी विभाग सहित तमाम विभाग के लोगो का जाना सुनिश्चित किया गया है लेकिन केवल ग्राम सचिव और बैंककर्मी ही मौजूद रहते है। बाकी विभाग फरारी काट लेते हैं। इस योजना के तरफ किसी भी खण्ड विकाश अधिकारी का ध्यान नहीं जाता है। केवल उनको कमीशन और वेतन से ही मतलब है सरकार भारी भड़कम धनराशि से पंचायत भवन बनवाया है। फर्नीचर पर मोटी रकम ग्राम पंचायत में दिया, फिर भी देखिए ना फर्नीचर दिखाई देता है और न ही ग्रामीणों को बैठने के लिए चटाई या कुर्सी दिखाई पड़ती है।








