पूरनपुर में अकीदत एवं एहतराम के साथ मनाया गया ‘अजमत-ए-मुस्तफा कॉन्फ्रेंस व जश्न-ए-दस्तारबन्दी’
तेजस टूडे ब्यूरो
चुन्नन खां
पीलीभीत। दारुल उलूम अरबिया कादरिया मोहल्ला करीम गंज पूरनपुर बाद नमाज़-ए-इशा एक रूहानी ‘सालाना अज़मत-ए-मुस्तफा कॉन्फ्रेंस व जश्न-ए-दस्तारबंदी’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी और कॉन्फ्रेंस का माहौल पूरी तरह से इश्क-ए-रसूल में डूबा नजर आया।
कार्यक्रम की सरपरस्ती पीर-ए-तरीक़त, रहबर-ए-शरियत हज़रत अल्लामा मौलाना सैयद ओवैस मुस्तफ़ा कादरी चिश्ती वास्ती सज्जादानशीन खानकाह-ए-आलिया क़ादरिया चश्तिया महबूदिया, बिलग्राम शरीफ ने फरमाई। कांफ्रेंस में देश के नामचीन उलेमा-ए-किराम और खतीबों ने अपने बयानों से नवाजे गए मुल्क व मिल्लत को पैगाम दिया। खतीब-ए-अहल-ए-सुन्नत हज़रत अल्लामा मौलाना मुहम्मद आमिर रज़ा खान, हज़रत अल्लामा मौलाना तौसीफ रज़ा खान सम्भल और अल्लामा मौलाना सलाहउद्दीन अय्यूबी बरेली शरीफ इसके अलावा हज़रत मौलाना इरशाद अल्कादरी, हज़रत मौलाना ज़हीरुद्दीन खान मरकज़ी, हज़रत मौलाना जाहिद रज़ा हसनी, शायर-ए-इस्लाम सैयद कैफ़ी अली बुलंदशहर सहित कई अन्य अजीम शख्सियतों ने भी अपनी कलाम और बयानों से जलसे को चार चांद लगाए।
दस्तारबंदी और फारिघीन तालिब-ए-इल्म कार्यक्रम के दौरान दारुल उलूम अरबिया कादरिया और जामिआ तुल मुस्तफा लिलबनात के तालीम हासिल करने वाले उलेमा व हुफ्फाज की दस्तारबंदी की गई। दस्तारबंदी पाने वाले कारी मोहम्मद तस्लीम, मौलाना मोहम्मद आदिल, मौलाना ओवैस रज़ा, मौलाना फरमान रज़ा, मौलाना उमरान रज़ा सहित कई अन्य छात्र शामिल रहे जिन्हें उलेमाओं नूर अहमद अज़हरी, कारी इरशाद अहमद, इरशाद बरकाती द्वारा पगड़ी दस्तार बांधकर सम्मानित किया गया।
रात भर चले इस रूहानी इज्तिमा में दूर-दराज से आए आशिक़ान-ए-रसूल ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अंत में मुल्क में अमन, चैन, भाईचारे और सलामती के लिए विशेष दुआ की गई। इस आयोजन को सफल बनाने में दारुल उलूम अरबिया कादरिया की इंतेज़ामिया कमेटी और स्थानीय लोगों का अहम योगदान रहा। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा।











