HomeGorakhpurक्या आईएएस सक्षम नहीं हैं?: ध्रुवचन्द जायसवाल

क्या आईएएस सक्षम नहीं हैं?: ध्रुवचन्द जायसवाल

क्या आईएएस सक्षम नहीं हैं?: ध्रुवचन्द जायसवाल

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा— लेटरल एण्ट्री से सीधी भर्ती मंत्रालय में केन्द्र चाहती है
तेजस टूडे ब्यूरो
अजय जायसवाल
गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार मे क्या वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सक्षम नहीं हैं? लेटरल एंट्री के माध्यम से संयुक्त सचिव, निदेशक एवं उपसचिव बड़ी संख्या कुल 45 अधिकारियों की सीधी भर्ती डायरेक्ट मंत्रालयों मे नियुक्तियां करना चाहती है। नियुक्तियों में आरक्षण की व्यवस्था नहीं थी जिसके चलते जबरदस्त विरोध होने के कारण यूपीएससी ने निरस्त किया विज्ञापन दोबारा जारी होगा। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कितनी सफाई से यह कह दिया कि सीधी भर्ती कांग्रेस की राज में आई थी तब आरक्षण का सिद्धांत ताक पर रक्खे गये थे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एवं योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे मोटक सिंह अहलूवालिया सीधी भर्ती से सेवा मे आये थे सत्य कथन है किन्तु क्या मंत्री अश्वनी जी बतायेंगे? कांग्रेस की सरकार में सीधी भर्ती मंत्रालयों में की गई थी, इसका खुलासा करें। उक्त बातें अपना समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय जायसवाल सर्ववर्गीय महासभा प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष ध्रुवचन्द जायसवाल ने कही।
उन्होंने आगे कहा कि मंत्री जी ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने यूपीएससी के जरिये सीधी भर्ती में आरक्षण सिद्धांतों को लागू करके डॉ अम्बेडकर की ओर से तैयार संविधान के पति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। क्या मंत्री जी बतायेंगे कि 45 नियुक्तियों में किसके कहने पर आरक्षण की व्यवस्था नहीं किया था। क्या जिसने विज्ञापन जारी किया था, उसके खिलाफ कार्यवाही सरकार करेगी? केन्द्र सरकार के कार्मिक राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने पत्र में लिखा कि पीएम मोदी का विश्वास है कि लेटरल एंट्री में सिर्फ संविधान में निहितार्थ समानता एवं सामाजिक न्याय के सिध्दांतों का सम्मान किया जाना चाहिए, बल्कि विशेष रुप से आरक्षण के प्रावधानों से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिये। इसे व्यापक पुनर्मूल्यांकन के बाद किया फैसला। बताते हुए मंत्री जी ने कहा कि इसके तहत ज्यादातर नियुक्तियां एडहॉक स्तर पर की गई थीं। यह कथन मंत्री जी का है। श्री जायसवाल ने कहा कि भाजपा की सरकार ने सीधी भर्ती केन्द्रीय मंत्रालयों मे करने जा रही है जो संविधान के विपरीत है या नहीं संसद मे तय होनी चाहिये। बिना किसी सरकारी ट्रेनिंग के सरकार के संयुक्त सचिव, निदेशक एवं उपसचिव के पद पर आईएएस को बाईपास करके महत्वपूर्ण मंत्रालयों खासकर कृषि एवं किसान कल्याण, बंदरगाह, नौवहन एवं जलमार्ग, सूचना एवं प्रसारण, गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय आदि है। खास बात यह है कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में 8 पदों पर सीधी भर्ती करना है। क्या कृषि मंत्रालय में अधिकत्तर आईएएस सक्षम नहीं हैं? केन्द्र सरकार के पास कृषि, गृह, वित्त, सूचना आदि मंत्रालयों में योग्य विशेषज्ञ आईएएस अधिकारी नहीं है। अगर नहीं हैं तो देश कई बड़े राज्यों से 4-5 छोटे राज्यों में एक-दो योग्य आईएएस वरिष्ठ ईमानदार एवं कर्मठ अधिकारियों को केन्द्र सरकार अपने यहा क्यों नहीं बुला ले रही है? लेटरल एंट्री सीधी भर्ती मंत्रालयों में होगी। देश हित में है या चन्द कॉरपोरेट जगत के हित में निर्णय केन्द्र सरकार लेना चाहती है।

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