दुष्कर्म करके अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में 10 साल की सजा
नशीली गोली खिलाकर दुष्कर्म करने एवं वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप सिद्ध
तेजस टूडे ब्यूरो
अजय जायसवाल
गोरखपुर। तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक के बहाने महिला का शोषण करने, नशीली गोली खिलाकर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर उसे धमकाने के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के भृगुसारी निवासी ओम प्रकाश निषाद को दोषी ठहराते हुए अपर सत्र न्यायाधीश नंद कुमार की अदालत ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
झाड़-फूंक कराने जाती थी पीड़िता
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपी तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का काम करता था। पीड़िता उसके पास झाड़-फूंक कराने के लिए जाती थी। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उसका विश्वास हासिल कर लिया। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर उसने पीड़िता को नशीली गोली खिलाई और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने इस दौरान अश्लील वीडियो भी बना लिया।
वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप
अभियोजन के अनुसार घटना के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अश्लील वीडियो को हथियार बनाकर पीड़िता को धमकाना शुरू कर दिया। वीडियो दिखाकर उसे डराया जाता था। आरोप है कि इसी तरह दबाव बनाकर आरोपी कई दिनों तक पीड़िता का यौन शोषण करता रहा। इस मामले में अश्लील वीडियो का इस्तेमाल पीड़िता को डराने और उस पर दबाव बनाने के लिए किए जाने का आरोप लगाया गया।
18 जुलाई 2023 को सामने आया मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार 18 जुलाई 2023 को पीड़िता के देवर ने दोनों को आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया। इसके बाद मामला सामने आया और आरोपी के कृत्यों को लेकर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत किये।
नन्द कुमार की अदालत ने सुनाई 10 साल की सजा
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश नंद कुमार की अदालत ने ओम प्रकाश निषाद को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को 3 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के इस फैसले को महिला के साथ यौन अपराध, अश्लील वीडियो के जरिए धमकाने, लगातार शोषण करने जैसे गंभीर आरोपों के मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।













