जीएसटी विभाग पर व्यापारियों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
तेजस टूडे ब्यूरो
देवी प्रसाद शर्मा
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के व्यापारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को नामित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए जिलाध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा कि उ०प्र० राज्य कर विभाग द्वारा विगत कुछ माह से व्यापारियों के विरूद्ध दमन कारी नीति अपनाते हुए उनके बैंक खातों को सीज किया जा रहा है तथा खातों से धन निकासी भी की जा रही है।
जी.एस.टी. में ईमेल द्वारा नोटिस दी जाती है जिससे व्यापारी उनको देख नहीं पाते हैं और व्यापारियों के खाते सीज किये जा रहे हैं। खातों से रकम निकाली जा रही है। ईमेल देख न पाने के कारण व्यापारी ग्रेड-1 के यहां अपील भी नहीं कर पाते हैं। साथ ही घोषणा के बावजूद ट्रिब्यूनल न होने के कारण दूसरी अपील भी नहीं कर पा रहे हैं। अभी हाल में 10 जुलाई आदेश से झांसी के राज्य कर विभाग द्वारा 5000 रू० की वसूली में स्कूटी को जब्त किया गया है। एक दूसरे मामले में 10000 रू० की वसूली में पुराना सोफा सेट आज ऐसा आदेशानुसार जब्त किया गया है जो पूर्णतः अनुचित एवं व्यापारी सम्मान के विरूद्ध है। यह एक अशोभनीय घटना है।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों में सर्वे के नाम पर व्यापारियों का जी.एस.टी. अधिकारी अनैतिक रूप से उत्पीड़न कर रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हाल ही में एटा जनपद के जलेसर जो कि घूंघरू व घंटा उद्योग के लिए विश्व प्रसिद्ध है और यह उद्योग एक कुटीर उद्योग है वहां से संगठन को अधिकारियों द्वारा जांच एवं सर्वे के नाम पर घर-घर जाकर अनैतिक उत्पीड़न किये जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। इसी प्रकार सचल दल विभाग द्वारा छोटी-छोटी मानवीय मूलवश ई-वे बिल सहित सभी परिपत्र होने के बावजूद गाड़ियों में पेनाल्टी लगाकर जुर्माना जमा कराया जाता है और अपील द्वारा रिफंड किये जाने की बात की जाती है जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और सरकार की छवि धूमिल होती है। राज्य कर विभाग द्वारा जीएसटी अधिकारी की धारा 79 का दुरुपयोग कर अपना नंबर या गुडवर्क दिखाने के लिए जिस तरह से कर कार्यप्रणाली को अपनाया है और प्रदेश भर में उत्पीड़न या शोषण किया जा रहा है जिससे व्यापारियों में रोष व्याप्त है। इस प्रकार के कार्य प्रणाली पर अंकुश लगाया जाना अति आवश्यक है। हम सभी व्यापारी मांग करते हैं कि जीएसटी की दरें कम की जाए इनकम टैक्स की तरह जीएसटी में भी रिवाइस रिटर्न की सुविधा प्रदान कीजिए और राज्य कर विभाग द्वारा व्यापारियों के विरुद्ध की जा रही अपमानजनक कार्यवाही पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाय। अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किया जाए और राज्य कर विभाग व्यापारी के कर सलाहकार उनकी सूची जारी करें जिससे वह व्यापारियों के बकाया का समाधान कर सके।
इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, जिला महामंत्री दुर्गा प्रसाद गुप्त, नगर अध्यक्ष संत प्रसाद अग्रवाल, चंद्रशेखर सेठ सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारी और व्यापारी उपस्थित रहे।
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