राजनीतिक दलों के प्रमुखों से मिला महासभा का प्रतिनिधिमण्डल मिलेगा: ध्रुवचन्द जायसवाल
तेजस टूडे ब्यूरो
नई दिल्ली। आज की परिस्थितियों में आवश्यक हो गया है कि बिना सरकार या विपक्ष में शामिल हुए किसी भी स्तर पर समस्याओं का समाधान होना बहुत मुशकिल है, इसलिए महासभा के संरक्षक पूरन चंद झरीवाल के नेतृत्व में राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों के अध्यक्षों से मिलकर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए उचित समाधान का अनुरोध करेगा। स्मरण रहे कि आज तक भाजपा ने राज्यसभा एवं विधान परिषद में हमारे समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं दिया जबकि अन्य समाज को मौका दिया जिनका दूर-दूर तक भाजपा से सम्बन्ध नहीं था तथा चुनाव तक रहेगा। उक्त बातें अखिल भारतीय कलवार कलाल कलार जायसवाल महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ध्रुवचन्द जायसवाल ने प्रेस को जारी बयान में कही।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने 2014 से 2024 तक लोकसभा चुनाव में एक-दो टिकट छोटे राज्यों को छोड़कर पूरे देश के बडे़ राज्यों उत्तर प्रदेश्, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित किसी भी राज्यों मे टिकट नहीं दिया तथा राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी में जिम्मेदारी नहीं दी किन्तु अब अखिल भारतीय कलवार कलाल कलार जायसवाल महासभा एवं पिछड़े वैश्यों की उपेक्षा चुनावों में नहीं कर सकेगी। महासभा अपनी रणनीति बना ली है। सभी राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों के अध्यक्षों को महासभा के विचारों से अवगत करायेगा। स्मरण रहे कि महासभा दशकों से अपना हक लेने हेतु राज्यसभा व विधान परिषद में उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग निरंतर की थी किन्तु मांग अनसुनी कर दी गई।
श्री जायसवाल ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव के पूर्व में महासभा का 31 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल पूर्व यूपी अध्यक्ष स्वत्रंतदेव सिंह से मिला था। कुछ सफलता जरुर मिली थी। उनके हटते ही 2024 के लोकसभा चुनाव में पुनः उपेक्षा हो गयी। महासभा द्वारा दशकों पुरानी मांगे विधान परिषद एवं राज्यसभा में उचित प्रतिनिधित्व देने एवं केन्द्र सरकार से डाॅ काशी प्रसाद जायसवाल को मरणोपरांत भारत रत्न देने की तर्क संगत मांग कई दशकों है। जो भी पार्टी महासभा के विचारों पर सहमति/स्वीकृति प्रदान करेगा, देश में होने वाले विधानसभाओं के चुनावों में तन-मन-धन के साथ महासभा मदद करने का ऐलान कर देगा। महासभा ने यह भी संकल्प लिया कि जो भी पार्टी महासभा के लोगों की उपेक्षा करेगा, उसको किसी भी कीमत पर आगामी विधानसभा चुनाव में समर्थन नहीं दिया जायेगा। महासभा को आशा ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि अब तक के प्रयासों से किसी न किसी दल से महासभा को सकारात्मक परिणाम के संकेत मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव जायसवाल को राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत किया है। अच्छी शुरुआत हुई है। परिणाम सकारात्मक होंगे। जो भी पिछड़े वैश्य एवं स्वजातीय बन्धु विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। अपने स्तर चुनाव लड़ने का संकल्प लेकर तैयारी शुरू कर दें। महासभा अपने स्तर से मदद करने की रणनीति बनायी है।
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