ढेड़िया लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों पर झूम उठे दर्शक
तेजस टूडे ब्यूरो
गोविन्द वर्मा
बाराबंकी। ऐतिहासिक देवा मेला के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में सांस्कृतिक लोकदल की नृत्यांगना दीपशिखा एवं उनकी साथी कलाकारों ने पारंपरिक लोक नृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। लोक गीतों की मधुर धुनों और आकर्षक नृत्य मुद्राओं ने मंच पर भारतीय लोकसंस्कृति के विविध रंग बिखेर दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध लोक नृत्य ‘ढेड़िया’ की आकर्षक प्रस्तुति से हुआ। ‘चलो ढेड़िया उतार सावर गोरिया ना’ लोक गीत की मनमोहक धुन पर कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य की सजीव छटा प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्र—मुग्ध कर दिया। इसके उपरांत झूमर गीत पर आधारित नृत्य प्रस्तुति ने वातावरण को उल्लास और उमंग से भर दिया। वहीं, ‘पूर्वी हरि-भरी धरती’ गीत पर कलाकारों की भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति ने ग्रामीण जीवन, लोक परंपरा और माटी की सौंधी खुशबू का सुंदर अहसास कराया। कलाकारों की लयबद्ध नृत्य मुद्राओं, मनोहारी भाव-भंगिमाओं और सधे हुए तालमेल पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में दीपशिखा के साथ वंशिका, पायल, सिद्धि, दीपाली, ऐश्वर्या, लाडो सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।











