जौनपुर की तहसीलों, ब्लाकों एवं ग्राम पंचायतों में धूमधाम से मनी महर्षि वाल्मीकि जयन्ती
मन्दिरों में वाल्मीकि रामायण पाठ का हुआ आयोजन तो कई जगह हुआ भजन—कीर्तन
तेजस टूडे ब्यूरो
शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर जनपद की तहसीलों, विकास खंडों एवं ग्राम पंचायतों में श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम हुआ। शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद के विभिन्न मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलन, दीपदान एवं महर्षि वाल्मीकि रामायण पाठ हुआ। कार्यक्रमों के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों, उनकी रचनाओं तथा सामाजिक समरसता और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. के निर्देशानुसार जनपद के विभिन्न मंदिरों में स्थानीय कलाकारों द्वारा वाल्मीकि रामायण पाठ एवं भक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। मुख्य विकास अधिकारी नरेन्द्र बहादुर सिंह ने भी मंदिर पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता किया। साथ ही संबंधित उपजिलाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों एवं अधिशासी अधिकारियों ने अपने क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
जनपद में शीतलां चौकिया परिसर स्थित हनुमान मंदिर, छोटी काशी, शकरमंडी चुंगी के पास हनुमान मंदिर, रामजानकी मंदिर अहियापुर, मैहर देवी स्थित राम मंदिर, हनुमान मंदिर, रामजानकी मंदिर कस्बा मड़ियाहूं, तिलौरा, मुबारकपुर, सरोखनपुर तथा ठाकुर द्वारा सहित विभिन्न मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन स्थलों पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय कलाकारों ने वाल्मीकि रामायण पाठ एवं भक्ति प्रस्तुतियों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बनाया।
नामित कलाकारों में अभिषेक मयंक के अलावा राहुल पाठक, विजय बहादुर यादव, अजय यादव, आशुतोष यादव ने सदर तहसील क्षेत्र के निर्धारित मंदिरों में कार्यक्रम प्रस्तुत किये तो जगदीश यादव ने मड़ियाहूं, अशोक यादव ने तिलौरा, राम अभिलाख ने मुबारकपुर, चन्दन निषाद एंड पार्टी ने सरोखनपुर तथा योगेन्द्र नाथ चौबे ने ठाकुरद्वारा में आयोजित कार्यक्रमों में सहभागिता किया।
इसके अतिरिक्त नगर पालिका परिषदों, नगर पंचायतों, विकास खंडों एवं ग्राम पंचायतों में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से मंदिर परिसरों की साफ-सफाई कराई गई तथा कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। जयंती पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनपद में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ भगवान श्रीराम के आदर्शों, सामाजिक सद्भाव एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने का संदेश दिया गया।














