HomeTrendingजिला शुल्क नियामक समिति की बैठक सम्पन्न

जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक सम्पन्न

  • जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक सम्पन्न

तेजस टूडे ब्यूरो
बृजेन्द्र कुमार
हमीरपुर। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी अरुण सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के समस्त स्ववित्तपोषित एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में शुल्क विनियमन अधिनियम-2018 के प्रभावी अनुपालन के संबंध में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक हुई। बैठक में अधिनियम एवं शासनादेशों के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा करते हुए विद्यालय प्रबंधनों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। शुल्क विनियमन एवं पारदर्शिता पर विशेष जोर बैठक में बताया गया कि जिन विद्यालयों में वार्षिक संस्था शुल्क 20 हजार रुपये से अधिक लिया जाता है, उन पर शुल्क विनियमन अधिनियम पूर्ण रूप से लागू होगा। पूर्व-प्राथमिक एवं किंडर गार्डन संस्थान इस व्यवस्था से पृथक रहेंगे। प्रत्येक विद्यालय को शैक्षिक वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक मानते हुए समस्त शुल्क व्यवस्थाएं संचालित करनी होगी।
उन्होंने निर्देशित किया गया कि विद्यालय किसी भी प्रकार का कैपिटेशन शुल्क नहीं लेंगे तथा प्रत्येक शुल्क की विधिवत रसीद अभिभावकों को देना अनिवार्य होगा। निर्धारित शुल्कों के अतिरिक्त किसी अन्य मद में शुल्क वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रत्येक विद्यालय को प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ होने से कम से कम 60 दिन पूर्व अपनी वेबसाइट एवं सूचना पट पर शुल्क विवरण सार्वजनिक करना होगा।सीडीओ ने स्पष्ट किया कि शुल्क वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) एवं अधिकतम 5 प्रतिशत सीमा के अनुरूप ही की जा सकेगी। बिना उचित कारण फीस वृद्धि करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम एवं अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने के निर्देश सीडीओ ने कहा कि प्रत्येक वर्ष प्रत्येक कक्षा की पुस्तकें बदलना उचित प्रवृत्ति नहीं है। शासनादेश के अनुरूप निर्धारित पाठ्यक्रम ही लागू किया जाए तथा सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में एनसीईआरटी आधारित पाठ्यपुस्तकों का अध्ययन सुनिश्चित किया जाय जिससे विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि विद्यालय वाहनों की नियमित फिटनेस तथा चालकों की नेत्र जांच (आई टेस्ट) अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर अधिनियम के अनुपालन की समीक्षा करने एवं शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई कि यदि किसी विद्यालय द्वारा नियमों के विपरीत शुल्क वसूला जाता है तो इसकी शिकायत जिला शुल्क नियामक समिति अथवा संबंधित विभागीय अधिकारियों से करें।
इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक महेश गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह, सूचना अधिकारी सतीश कुमार सहित प्रमुख मान्यता प्राप्त पब्लिक स्कूलों से जुड़े विद्यालयों के प्रबंधक उपस्थित रहे।

आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।

 

 

 

 

 

 

 

 JAUNPUR NEWS: Hindu Jagran Manch serious about love jihad

 

Job: Correspondents are needed at these places of Jaunpur

600 बीमारी का एक ही दवा RENATUS NOVA

 

 

Must Read