बाजारवाद की भीड़ में भी अडिग हैं कम संसाधन वाले सम्पादक: प्रो. मनोज मिश्र
प्रथम प्रधानमंत्री के समय में दिखी थी कलमकार की हैसियत: प्रो. आरएन त्रिपाठी
सम्पादक मण्डल (जौनपुर) उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस पर जुटीं तमाम हस्तियां

तेजस टूडे ब्यूरो
अजय पाण्डेय
जौनपुर। वर्तमान परिवेश बाजारवाद का हो गया है लेकिन इसी में अपने आपको बचाकर समाचार पत्र निकालना रेंत में पानी निकालने के बराबर वाली बात है। उक्त बातें सम्पादक मण्डल (जौनपुर) उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुये प्रो. मनोज मिश्र संकायाध्यक्ष सामाजिक विज्ञान संकाय पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर ने बतौर मुख्य अतिथि कही। आज सुरसा के मुंह की तरह बढ़ रहे एआई से दूर रहने की अपील करते हुये उन्होंने कहा कि समाचार पत्र के सम्पादक को एक अखबार निकालने में कितनी विषम परिस्थितियों का सामना करता है, वह वही जान सकते हैं। जहां बड़ी मछली छोटी को निगलने के लिये हमेशा तैयार खड़ी हो, उस संघर्ष के दौर में भी आप अडिग हैं, क्योंकि यह आपका पैशन है, फैशन नहीं है जो 6 महीने में बदल जाय।

इसी क्रम में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. आरएन त्रिपाठी पूर्व सदस्य लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश ने एक कलमकार की क्या हैसियत होती है, उसके बारे में बताते हुये उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान एक पत्रकार के कलम की ताकत को बताया।

इसके पहले मुख्य अतिथि प्रो. मनोज मिश्र, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. आरएन त्रिपाठी, विशिष्ट अतिथि प्रो. जेपी सिंह एसोसिएट प्रोफेसर टीडीपीजी कालेज, समाजसेवी/व्यवसायी विनीत सेठ, जफराबाद चेयरमैन के प्रतिनिधि डा. सरफराज खान ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुये दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इसके बाद सम्पादक मण्डल के अध्यक्ष राकेशकान्त पाण्डेय, संरक्षक शम्भू सिंह, महासचिव डा. नौशाद अली, विरेन्द्र सिंह, शुभांशू जायसवाल सहित अन्य सम्पादकों ने अतिथियों को बुकें भेंट किया।
तत्पश्चात संरक्षक रामजी जायसवाल ने स्थापना दिवस के जीवन पर प्रकाश डालते हुये स्वागत भाषण किया जिसके बाद सम्पादक अरूण सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने अपना विचार व्यक्त किया। इस दौरान सम्पादक मण्डल के मंगला प्रसाद तिवारी, मो. रऊफ, छोटे लाल सिंह, महेन्द्र प्रजापति सहित अन्य लोगों ने अतिथियों को माल्यार्पण करते हुये स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि प्रो. जेपी सिंह ने कहा कि समाचार पत्र समाज का आईना होता है लेकिन आज कुछ लोग उसे धूमिल करने पर तूले हैं। ऐसे में सम्पादकों की जिम्मेदारी बनती है कि समाचार पत्र की पवित्रता को बनाये रखें। साथ ही विशिष्ट अतिथि विनीत सेठ ने कहा कि समाज के दूषित माहौल में आज भी पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनी हुई है जिसके लिये सम्पादक बन्धु बधाई के पात्र हैं। वहीं विशिष्ट अतिथि डा. सरफराज खान ने कहा कि सच्ची पत्रकारिता करने वालों के लिये वह सदैव खड़े रहेंगे। साथ ही 5 दशक से पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ पत्रकार अनिल पाण्डेय ने सम्पादक मण्डल के इस कार्य की सराहना करते हुये नयी पीढ़ी को सकारात्मक सोच के लिये प्रेरित किया।
इस मौके पर आये लोगों का स्वागत महासचिव डा. नौशाद अली ने किया तो संचालन संरक्षक रामजी जायसवाल ने किया। अन्त में अध्यक्ष राकेशकान्त पाण्डेय ने समस्त आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वरिष्ठ सम्पादक डा. प्रमोद वाचस्पति, राजेश श्रीवास्तव, हसैन कमर दीपू, विश्व प्रकाश श्रीवास्तव, आशीष पाण्डेय, शब्बीर हैदर, विरेन्द्र पाण्डेय, संजय मिश्र, मो. अब्बास, सलमान शेख, आमिर अब्बास, जुबेर अहमद, काजू सिंह, पंकज प्रजापति, अजीत चक्रवर्ती, राजन श्रीवास्तव, संजय चौरसिया, बुद्धि प्रकाश तिवारी, भाजपा नेता ज्ञानेन्द्र मिश्र बब्बू, अजय पाण्डेय, रमेश यादव, विद्याधर राय विद्यार्थी, दीपक सिंह, कर्मचारी नेता निखिलेश सिंह, पंकज सिंह, मनोज उपाध्याय, अखिलेश श्रीवास्तव, तरूण शुक्ला, विकलेश कुमार एडवोकेट, राजेश कुमार, सेम हमीद, अकबर रजा, प्रियेश गुप्ता, अकरम अंसारी, श्वेताभ पाण्डेय एडवोकेट सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
वरिष्ठ पत्रकार लोलारक जी एवं वरिष्ठ सम्पादक मंगला जी किये गये सम्मानित
समारोह में जनपद के वरिष्ठ पत्रकार लोलारक दूबे को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही पम्परा के अनुसार वरिष्ठ सम्पादक मंगला प्रसाद तिवारी को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम के साथ माल्यार्पण करके हुये सम्मानित किया गया। इसी क्रम में वरिष्ठ साथी डा. प्रमोद वाचस्पति के 70वें जन्मदिन पर मंचासीन अतिथियों सहित उपस्थित लोगों ने बधाई देते हुये उनका सम्मान बढ़ाया।
सम्पादकों के लिये सदैव खड़ी हूं: सीमा द्विवेदी
समारोह की मुख्य अतिथि सांसद सीमा द्विवेदी थीं लेकिन अचानक दिल्ली चले जाने से वह कार्यक्रम में नहीं आ सकीं। ऐसे में उन्होंने समारोह के दौरान दूरभाष के माध्यम से खेद प्रकट करते हुये कहा कि वर्तमान में समाचार पत्र निकालना बहुत टेढ़ी खीर हो गयी है। इसके बावजूद भी यदि आप नियमित रूप से समाचार पत्र का संचालन कर रहे हैं तो बहुत बड़ी बात है। समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करने वाले कलमकारों के लिये सदैव खड़ी हूं और आगे भी रहूंग







