स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पूर्वोत्तर रेलवे की प्राथमिकता
तेजस टूडे ब्यूरो
अजय जायसवाल
गोरखपुर। रेल यात्रियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित और सघन जांच की जा रही है। रेलवे स्टेशनों, कार्यालयों एवं आवासीय काॅलोनियों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर, टैप, फिल्टर, पानी वितरण बिंदुओं तथा पाइप लाइनों की निरंतर निगरानी एवं रखरखाव को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल को सुरक्षित बनाने हेतु अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, जीवाणु संवर्धन परीक्षण एवं रासायनिक विश्लेषण नियमित रूप से किये जा रहे हैं। रेल यात्रियों और कर्मचारियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है और यह कार्य अभियान के रूप में निरंतर चलता रहेगा। इसी क्रम में लखनऊ मंडल पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक लखनऊ जं. एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) के निर्देशानुसार स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा 17 प्रमुख स्टेशनों तथा 4 आवासीय काॅलोनियों में पेयजल के 264 क्लोरीन परीक्षण तथा 14 जीवाणु संर्वधन परीक्षण किये गये तथा जांच के उपरांत सभी परीक्षण मानक अनुरूप फिट पाये गये। इस आशय की जानकारी सुमित कुमार मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है।













