परशुराम जयंती को लेकर ब्राह्मण महासभा ने की तैयारी बैठक
तेजस टूडे ब्यूरो
अनिल कश्यप
हापुड़। जनपद के एक प्लाजा में ब्राह्मण महासभा की बैठक हुई जहां श्री भगवान परशुराम जयंती कैसे मनायी जाय, उनकी तैयारी को लेकर विस्तार रूप से चर्चा किया गया। झांकी के बारे में चर्चा करते हुये सुरक्षा के बारे में चर्चा हुई। साथही शहर में शांति रूप से कैसे झांकियां निकले, उस विषय पर चर्चा की गयी।
महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिर्विद सुबोध पाण्डेय ने बताया कि हमारी महासभा ने कुछ विशेष तैयारी कर रखा है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो महासभा को मजबूती प्रदान करेगा। महासभा के आगे के होने वाले कार्यों की भूमिका बनाया गया। महासभा सभा को और आगे ले जाने के लिए हर संभव प्रयास करता रहूंगा। भगवान परशुराम महाविष्णु के छठे अवतार हैं। साथ ही ब्राह्मण‑क्षत्रिय के बीच अधर्म के विरुद्ध कार्य करने वाले “ब्रह्म‑क्षत्र अवतार” माने जाते हैं। वे चिरंजीवी माने गए हैं यानी कल्प के अंत तक पृथ्वी पर रहने वाले देव‑मानव स्वरूप हैं जो आज भी महेंद्रगिरि आदि पर ही तपस्या करते माने जाते हैं। परशुराम का जन्म सागर तट के पास जमदग्नि मुनि के आश्रम में रेणुका जी के गर्भ से हुआ। उन्हें “भार्गव” (जमदग्नि के पुत्र) और “राम” भी कहा जाता है जबकि “परशुराम” नाम उनके मुख्य शस्त्र―फरसा (परशु) के कारण पड़ा। इस अवसर पर श्री सनातन ज्योतिष कर्मकांड महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सुबोध पाण्डेय, संस्थापक प्रेम प्रकाश मिश्रा, राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश शास्त्री, मनोज मिश्रा सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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