अपर जिला जज ने वन स्टाप सेन्टर का किया औचक निरीक्षण

शिवमंगल अग्रहरि
चित्रकूट। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कीे सचिव अपर जिला जज नीलू मेनवाल ने मंगलवार को वन स्टाप सेन्टर, वृद्धा आश्रम और जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। जिसमें वन स्टाप सेंटर में कम्प्यूटर आपरेटर और चैकीदार के अलावा शेष कर्मचारी गैर हाजिर मिले। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त अनुक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश विकास कुमार प्रथम के निर्देश पर मंगलवार को प्राधिकरण की सचिव अपर जिला जज नीलू मेनवाल ने गढीवा स्थित वन स्टाप सेंटर कर आकस्मिक निरीक्षण किया। जिसमें कम्प्यूटर आपरेटर चुन्नूराम और चैकीदार अर्चना यादव ही उपस्थित मिले। शेष कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। अनुरक्षित रजिस्टर मांगने पर बताया गया कि कुछ रजिस्टर प्रभारी की अलमारी में रखें हैं। निरीक्षण के दौरान मिले रजिस्टर अपूर्ण पाए गए। इस सम्बन्ध में पत्राचार करने के निर्देश दिए गए। वन स्टाप सेंटर में दो बच्चियां आवासित मिली। जिसमें एक ने अपनी उम्र 20 वर्ष और स्वयं को बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा बताते हुए कहा कि परिवार के लोगों के डाटने के कारण वह घर से नाराज होकर चली गयी थी। दूसरी बालिका ने बताया कि वह बीती 18 मई से यहां आवासित है। शौचालय और बाथरूम में भारी गंदगी पायी गयी। साथ ही पुलिस सुरक्षा कर्मी भी उपस्थित नहीं मिले। जिसके बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी को इस सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। प्राधिकरण सचिव ने विनायकपुर स्थित वृद्धा आश्रम का भी निरीक्षण किया। बताया गया कि समाज कल्याण द्वारा वित्त पोषित संस्था देहाती ग्रामोत्थान विकास समिति द्वारा यह आश्रम संचालित है। जिसमें 130 वृद्ध संवासी पंजीकृत हैं। जिसमें मौके पर 95 संवासी पाए गए। बताया गया कि शेष बुजुर्ग बीती 20 मई को हुए लोकसभा चुनाव में मताधिकार कर प्रयोग करने अपने गांव गए हैं। इस दौरान उपस्थित वृद्ध संवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इसके बाद प्राधिकरण सचिव ने चित्रकूट जिला कारागार का भी आकस्मिक निरीक्षण किया एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 18 से 21 वर्ष के निरूद्ध बाल बंदियों एवं बैरक नम्बर 9 व 10 में निरूद्ध विचाराधीन बंदियों के मध्य विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ऐसे बंदियों से वार्ता की गयी। जिनकी जमानत हो चुकी है, किन्तु जमानतदार न मिलने के कारण जेल में निरूद्ध हैं। ऐसे बंदियों का प्ली बाग्रेनिंग के बारे में विस्तार से बताया गया। इस मौके पर जेल अधीक्षक शशांक पाण्डेय, प्रभारी जेलर रजनीश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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