बलात्कारी प्रोफेसर को दबोचने में क्यों छोटे पड़ गये पुलिस के लम्बे हाथ?
रंजीत सिंह
उरई/जालौन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराधियों के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति अपनाने का चाहे जितने निर्देश पुलिस को देते रहे लेकिन पुलिस अपनी कार्यशैली के हिसाब से ही आगे बढ़ पाती है। भले इसका फायदा अपराधी उठा ले जाए। ऐसा ही मामला जनपद जालौन के कालपी कालेज कालपी के बलात्कारी प्रोफेसर का देखने को मिल रहा है। जिसकी गर्दन को दबोचने में पुलिस के लंबे हाथ छोटे पड़ते जा रहे है। जिसका फायदा आरोपी उठाने में लगा है। सवाल उठता है कि एक चोरी जैसी घटना के आरोपी को दबोचने के लिए पुलिस उसके बूढ़े मां बाप को दबाब बनाने के लिए आधी रात को घर से उठा लेती है लेकिन एक बलात्कारी प्रोफेसर को दबोचने में पुलिस नये-नये कानून गढ़ कर दलित पीड़िता को गुमराह करने में लगी है। आज जिला मुख्यालय पहुंची पीड़ित दलित छात्रा ने एसपी कार्यालय के सामने जालौन रोड पर हाथ में तख्ती लेकर मीडिया और जनसामान्य को अपने साथ हो रहे अन्याय और अपराधी को बचाने के पुलिस अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाए। उसने अपनी जान को भी खतरा बताया। फिर भी पुलिस ने उसे रोड से उठाकर कालपी के लिए पैक कर दिया।













