Tuesday, August 9, 2022

अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है यूरोलॉजिकल हेल्थः डा. विकास कुमार

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यूरोलॉजिस्ट डा. विकास कुमार ने जनहित में दी विशेष जानकारी वाराणसी। यूरोलॉजिकल हेल्थ यानी मूत्र संबंधी स्वास्थ्य सेहत के लिए बहुत जरूरी है। अक्सर लोग पूछते हैं कि यूरोलॉजी क्या है तो बता दें कि यूरोलॉजी एक मेडिसिन स्पेशिलिटी है यानी विशेषज्ञता। यह यूरिनरी ट्रेक जैसे किडनी, यूट्रस, ब्लैडर वगैरह से जुड़ी समस्याओं से सम्बन्धित है। यूरोलॉजिकल बीमारियां यानी मूत्र संबंधी रोग सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। उक्त बातें सरस्वती यूरो केयर पहड़िया वाराणसी के संचालक एवं वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डा. विकास कुमार ने एक भेंट के दौरान कही। उन्होंने मूत्र रोगों के इलाज, कारण और बचाव के उपायों के बारे में बताया कि ऐसे बहुत से काम हैं जिसे करके आप बेहतर यूरिनरी हेल्थ पा सकते हैं। हेल्दी यूरिनरी ट्रैक के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहें, जलवायु परिस्थितियों के आधार पर एक दिन में 3 से 4 लीटर पानी का सेवन करना चाहिए यदि गुर्दे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। अपशिष्ट पदार्थ ज्यादातर मूत्र के माध्यम से ही शरीर से बाहर जाते हैं। इसलिए जब आप ज्यादा पानी पीते हैं तो टॉक्सिन्स बाहर निकलने में मदद करती है। इस तरह आप ज्यादा पानी पीकर शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल सकते हैं। क्रैनबेरी जूस यूटीआई को कम करने में मदद करता है। डा. कुमार ने बताया कि नमक, कैफीन और एल्कोहल का सेवन कम करें। शराब और कैफीन दोनों ही मूत्रवर्धक के रूप में काम करते हैं जिससे यूरिनरी ब्लैडर की लाइनिंग में जलन की समस्या हो सकती है और बार-बार पेशाब करने की इच्छा बढ़ जाती है। अच्छा और संतुलित आहार पर विशेष ध्यान दें। अगर आपका बीएमआई ज्यादा है तो वजन कम करें। धूम्रपान बंद करें। श्रोणि की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए व्यायाम करें। इसके लिए किगल व्यायाम बहुत ही सही होता है। लंबे समय तक मूत्र को रोकने की आदत छोड़ दें। बच्चों को सही तरह से टॉयलेट ट्रेनिंग दें। रात में सोने से पहले तरल पदार्थ का सेवन कम करें।

यूरोलॉजिस्ट डा. विकास कुमार ने जनहित में दी विशेष जानकारी

वाराणसी। यूरोलॉजिकल हेल्थ यानी मूत्र संबंधी स्वास्थ्य सेहत के लिए बहुत जरूरी है। अक्सर लोग पूछते हैं कि यूरोलॉजी क्या है तो बता दें कि यूरोलॉजी एक मेडिसिन स्पेशिलिटी है यानी विशेषज्ञता। यह यूरिनरी ट्रेक जैसे किडनी, यूट्रस, ब्लैडर वगैरह से जुड़ी समस्याओं से सम्बन्धित है। यूरोलॉजिकल बीमारियां यानी मूत्र संबंधी रोग सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। उक्त बातें सरस्वती यूरो केयर पहड़िया वाराणसी के संचालक एवं वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डा. विकास कुमार ने एक भेंट के दौरान कही।

जौनपुर। प्रवासी कामगारों को बुनकर ट्रेड के अंतर्गत तीन दिवसीय आरपीएल प्रशिक्षण की तीसरी बैच असेसमेंट प्रकिया के साथ सम्पन्न हुई। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत जनपद में इस समय तीन दिवसीय आरपीएल प्रशिक्षण का आयोजन प्रशिक्षण प्रदाता संस्था उद्योग विकास संस्थान द्वारा कराया जा रहा है। उक्त प्रशिक्षण बुनकर ट्रेड में कार्य करने वाले लोगों का कराया जा रहा है। जिसमें प्रथम दिन प्रशिक्षणार्थियों को यूनिफॉर्म व कोर्स मैटेरियल किट वितरित किया गया। गुरुवार को प्रशिक्षण के समापन अवसर पर असेसिंग बॉडी सेंचुरियन यूनिवर्सिटी से आये असेसर अमित मिश्रा ने प्रशिक्षणार्थियों का असेसमेंट किया। जिसके बाद इन्हें प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। इस अवसर पर कौशल विकास मिशन के एमआईएस मैनेजर शिवम सिंह, उद्योग विकास संस्थान के प्रदेश समन्वयक राजीव पाठक, भीमसेन चौहान आदि उपस्थित रहे।

उन्होंने मूत्र रोगों के इलाज, कारण और बचाव के उपायों के बारे में बताया कि ऐसे बहुत से काम हैं जिसे करके आप बेहतर यूरिनरी हेल्थ पा सकते हैं। हेल्दी यूरिनरी ट्रैक के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहें, जलवायु परिस्थितियों के आधार पर एक दिन में 3 से 4 लीटर पानी का सेवन करना चाहिए यदि गुर्दे सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। अपशिष्ट पदार्थ ज्यादातर मूत्र के माध्यम से ही शरीर से बाहर जाते हैं।

चंदन अग्रहरि शाहगंज, जौनपुर। बिजली फाल्ट से परेशान आमजन की समस्या को लेकर नगर पालिका परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष श्याम गुप्ता ने जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने शिकायत में कहा कि ट्रांसफार्मर पर कट आउट हुआ कट ऑफ स्विच लगाने की बात कही। शिकायत में श्याम जी गुप्ता ने कहा कि शाहगंज व ग्रामीण फीडर संयुक्त रूप से संचालित होता है जिसका दायरा करीब 4 किमी तक है इस दायरे के बीच लाइन में फाल्ट आने पर उसे ठीक करने के लिए शटडाउन किया जाता है। जिससे लोगों को परेशान होना पड़ता है अगर ट्रांसफार्मर पर कट आउट व कट ऑफ स्वीच लगा दिया जाए तो उसी क्षेत्र के लोग प्रभावित होंगे।

इसलिए जब आप ज्यादा पानी पीते हैं तो टॉक्सिन्स बाहर निकलने में मदद करती है। इस तरह आप ज्यादा पानी पीकर शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल सकते हैं। क्रैनबेरी जूस यूटीआई को कम करने में मदद करता है।

जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के चिरैयाडीह गांव में जमीनी विवाद में दबंगों ने एक परिवार पर धारदार हथियार व लाठी डंडे से हमला कर दिया जिसमें महिला समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर छानबीन में जुट गई है। जानकारी के अनुसार चिरैयाडीह लोहिया गांव होने के कारण लोहिया सड़क बनाई गई थी। जिसे विजय मिश्र पक्ष ने शासन द्वारा निर्मित सीमेंटेड सड़क पर मिट्टी पाटकर अतिक्रमण कर लिया। पड़ोसी प्रमोद चौहान के दरवाजे के पास से बारिश का पानी बहाने का दबाव बना रहे थे। जबकि इस प्रकरण की सूचना जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, थानाध्यक्ष सरायख्वाजा को लिखित दिया गया। मौके पर 112 नम्बर पुलिस भी आयी परन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रमोद का आरोप है कि आये दिन दबंग लोग मार देने की धमकी देते थे। गुरुवार को प्रमोद अपनी जमीन की घेराबंदी बांस से करने लगे तभी विपक्षी लोगों ने 35 वर्षीय सुनीता को बांस उखाड़ कर पीट दिया। चचेरी बहन चंद्रकला चौहान छुड़ाने लगी। अधिक संख्या में विपक्षी मौके पर पहुंच गए। सभी जुटकर मारने पीटने लगे जिससे प्रमोद, चंद्रकला, आलोक, शशिकला चौहान को घायल कर दिया। घायलों को उपचार के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डा. कुमार ने बताया कि नमक, कैफीन और एल्कोहल का सेवन कम करें। शराब और कैफीन दोनों ही मूत्रवर्धक के रूप में काम करते हैं जिससे यूरिनरी ब्लैडर की लाइनिंग में जलन की समस्या हो सकती है और बार-बार पेशाब करने की इच्छा बढ़ जाती है। अच्छा और संतुलित आहार पर विशेष ध्यान दें। अगर आपका बीएमआई ज्यादा है तो वजन कम करें। धूम्रपान बंद करें। श्रोणि की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए व्यायाम करें। इसके लिए किगल व्यायाम बहुत ही सही होता है। लंबे समय तक मूत्र को रोकने की आदत छोड़ दें। बच्चों को सही तरह से टॉयलेट ट्रेनिंग दें। रात में सोने से पहले तरल पदार्थ का सेवन कम करें।

जौनपुर। जनपद में विशेष संचारी अभियान 01 से 31 जुलाई तक चलाया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत नगर पालिका द्वारा भण्डारी, नईगंज, जहांगीराबाद, उमरपुर, ओलंदगंज, नखास सहित विभिन्न स्थानों पर एण्टी लार्वा, फागिंग एवं सैनिटाइजेशन का कार्य कराया गया। पशु चिकित्सा अधिकारियों के द्वारा सूअर पालकों को संचारी रोग अभियान के अंतर्गत साफ-सफाई एवं सूकरों को गांव से बाहर सूकर वाड़ा बनवाकर रखने के लिए प्रेरित किया गया। मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने कहा कि सूकर पालक गांव से बाहर अपना सूकर वाड़ा बनवाये और वहीं पर सूकर पालन करें। पंचायती राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों, झाड़ियों एवं चकरोड की साफ-सफाई, एण्टी लार्वा एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, शौचालयों के प्रयोग के लिए प्रेरित करना आदि कार्य किया गया। साथ ही संचारी रोग के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। आईसीडीएस विभाग द्वारा मातृ समिति की बैठक की गई। वहीं कृषि विभाग द्वारा किसान जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। जौनपुर। भाजपा कार्यालय पर सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुये जिलाध्यक्ष श्री पुष्पराज सिंह के अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें आपातकाल पर चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 25 जून का दिन एक विवादस्पद फैसले के लिए जाना जाता है यही वह दिन था जब देश में आपातकाल लगाने की घोषणा हुई तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जनता को बेवजह मुश्किलों के समुंदर में धकेल दिया। 25 जून, 1975 को आपातकाल की घोषणा की गई और 26 जून 1975 से 21-मार्च 1977 तक यानी 21 महीने की अवधि तक आपातकाल जारी रहा। आपातकाल के फैसले को लेकर इंदिरा गांधी द्वारा कई दलीलें दी गईं। देश को गंभीर खतरा बताया गया, लेकिन पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही थी उन्होंने कहा कि हमारे जिले जौनपुर से भी कई नेता जेल गए जिसमे मुख्य रूप से पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह अल्प आयु में ही जेल गए कैलाश विश्वकर्मा जी, हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव तमाम नेता जेल गये थे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी जब इंदिरा गांधी के खिलाफ संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी राजनारायण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की राजनारायण ने अपनी याचिका में इंदिरा गांधी पर 6 आरोप लगाये थे 12 जून 1975 को राजनारायण की इस याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया इंदिरा गांधी को चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का दोषी पाया गया और इंदिरा गांधी के निर्वाचन को रद्द कर दिया और 6 साल तक उनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ता इसलिए इस लटकती तलवार से बचने के लिए प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर आपात बैठक बुलाई गई। इस दौरान कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष डीके बरुआ ने इंदिरा गांधी को सुझाव दिया कि अंतिम फैसला आने तक वो कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएं और प्रधानमंत्री की कुर्सी वह खुद संभाल लेंगे लेकिन बरुआ का यह सुझाव इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी को पसंद नहीं आया संजय की सलाह पर इंदिरा गांधी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ 23 जून को सुप्रीम कोर्ट में अपील की सुप्रीम कोर्ट ने अगले दिन 24 जून 1975 को याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वो इस फैसले पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें प्रधानमंत्री बने रहने की अनुमति दे दी, मगर साथ ही कहा कि वो अंतिम फैसला आने तक सांसद के रूप में मतदान नहीं कर सकतीं विपक्ष के नेता सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला आने तक नैतिक तौर पर इंदिरा गांधी के इस्तीफे पर अड़ गए। एक तरफ इंदिरा गांधी कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहीं थीं, दूसरी तरफ विपक्ष उन्हें घेरने में जुटा हुआ था। गुजरात और बिहार में छात्रों के आंदोलन के बाद विपक्ष कांग्रेस के खिलाफ एकजुट हो गया। लोकनायक कहे जाने वाले जयप्रकाश नारायण (जेपी) की अगुआई में विपक्ष लगातार कांग्रेस सरकार पर हमला कर रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अगले दिन 25 जून 1975 को दिल्ली के रामलीला मैदान में जेपी ने एक रैली का आयोजन किया जिसमे अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, आचार्य जेबी कृपलानी, मोरारजी देसाई और चंद्रशेखर जैसे तमाम दिग्गज नेता एक साथ एक मंच पर मौजूद थे। विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद से इमरजेंसी के घोषणा पत्र पर दस्तखत करा लिए जिसके बाद सभी विपक्षी नेता गिरफ्तार कर लिए गए 26 जून 1975 को सुबह 6 बजे कैबिनेट की एक बैठक बुलाई गई इस बैठक के बाद इंदिरा गांधी ने ऑल इंडिया रेडियो के ऑफिस पहुंचकर देश को संबोधित किया उन्होंने कहा कि आपातकाल के पीछे आंतरिक अशांति को वजह बताई लेकिन इसके खिलाफ गहरी साजिश रची गई इसके बाद प्रेस की आजादी छीन ली गई, कई वरिष्ठ पत्रकारों को जेल भेज दिया गया अखबार तो बाद में फिर छपने लगे, लेकिन उनमें क्या छापा जा रहा है। ये पहले सरकार को बताना पड़ता था। इमरजेंसी का विरोध करने वालों को इंदिरा गांधी ने जेल भेज दिया था 21 महीने में 11 लाख लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. 21 मार्च 1977 को इमरजेंसी खत्म करने की घोषणा की गई। इंदिरा गांधी और कांग्रेस आपातकाल को संविधान के अनुसार लिए गया फैसला बताते रहे, लेकिन वास्तव में उन्होंने 1975 में संविधान द्वारा दिए गए इस अधिकार का दुरुपयोग किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंघानियां, अमित श्रीवास्तव, जिला महामंत्री शुशील मिश्रा, पीयूष गुप्ता, जिला मंत्री राजू दादा, अभय राय डीसीएफ चेयरमैन धन्यजय सिंह, भूपेंद्र पांडे, आमोद सिंह, विनीत शुक्ला, राजवीर दुर्गवंशी, रोहन सिंह, इन्द्रसेन सिंह प्रमोद, अनिल गुप्ता, प्रमोद प्रजापति, भाजयुमो जिला महामंत्री विकास ओझा, शुभम मौर्या आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जौनपुर। जिले के मीरगंज थाने पर तैनात हेड कांस्टेबल शिवजी गुप्ता के पुत्र सिद्धार्थ गुप्ता ने सीबीएसई बोर्ड से हाईस्कूल में 97.33 प्रतिशत अंक पाकर जिले का ही नहीं अपने माता—पिता व स्कूल का नाम रोशन किया है। पिता पुलिस विभाग में नौकरी करते हुए भी अपने बेटे की पढ़ाई लिखाई पर खास ध्यान देते हैं। सिद्धार्थ गुप्ता ने अपनी इस सफलता का श्रेय माता—पिता व गुरूजनों को दिया है।

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