श्रीमद्भागवत कथा में समाहित है जीवन कल्याण का सार, कथा श्रवण को उमड़ रहे श्रद्धालु

तेजस टूडे सं.
तिलोई, अमेठी। स्थानीय तहसील क्षेत्र स्थित लोधवरिया में श्री कामतानाथ भंडारा कमेटी मोहनगंज के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा के दौरान कथा व्यास डॉ. सुमनलता उनियाल दीदी जी यमुनोत्री धाम उत्तरकाशी उत्तराखंड ने श्रीमद्भागवत की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।कथा में बताया गया कि सनकादि ऋषियों द्वारा सूतजी महाराज से छह महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे गए थे। इनमें समस्त प्राणियों के कल्याण का मार्ग, अनेक शास्त्रों में निहित सार, भगवान के अवतार लेने का उद्देश्य, उनके विभिन्न अवतारों का वर्णन, जीवन का परम लक्ष्य तथा भगवान की लीला समाप्त होने के बाद धर्म के आश्रय जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। सूतजी महाराज ने नैमिषारण्य में शौनक ऋषि सहित हजारों ऋषियों को श्रीमद्भागवत का सार सुनाया। धार्मिक मान्यता के अनुसार शुकदेवजी ने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाकर उन्हें जीवन, मृत्यु और भक्ति के गूढ़ रहस्यों से परिचित कराया। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को संदेश दिया गया कि भगवान की भक्ति, सदाचार और धर्म के मार्ग पर चलना ही जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम है। कथा के यजमान सुमन त्रिपाठी एवं गीता त्रिपाठी हैं। कथा के शुभारंभ पर, सरोज तिवारी, सुजीत मिश्रा, राजीव सिंह एडवोकेट, दुर्योधन सिंह, रोहित त्रिपाठी, बृजेंद्र सिंह, आदर्श शुक्ला, आशीष जायसवाल, शरद गुप्ता, विनोद मिश्रा, अनिल बाजपेई, संतोष त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।









