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डीएम ने पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा कर बैंकों से समन्वय के दिये निर्देश

  • डीएम ने पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा कर बैंकों से समन्वय के दिये निर्देश

तेजस टूडे ब्यूरो
बृजेन्द्र कुमार
हमीरपुर। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाने, राजस्व संबंधी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने तथा आवश्यक सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी हमीरपुर श्री अशोक कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0, पीएम स्वनिधि योजना, राजस्व संबंधी समस्याओं, राशन एवं खाद वितरण व्यवस्था तथा अवैध खनन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में समस्त उपजिलाधिकारियों, तहसील स्तरीय अधिकारियों एवं अधिशासी अधिकारियों ने प्रतिभाग किया, जबकि कुछ अधिकारी गूगल मीट के माध्यम से जुड़े रहे। लंबित आवास एवं ऋण प्रकरणों का प्राथमिकता से हो निस्तारण।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 तथा प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दोनों योजनाओं के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाए। पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत पात्र पथ विक्रेताओं के लंबित ऋण आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। इसके लिए संबंधित निकायों एवं बैंकों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए आवेदन प्रक्रिया, बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों तथा स्वीकृति एवं ऋण वितरण की स्थिति की निगरानी की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में भी पात्र लाभार्थियों के प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।मेड़बंदी और चकरोड संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए 1 नवंबर से विशेष अभियान। राजस्व संबंधी शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन गांवों से मेड़बंदी, चकरोडों पर अवैध कब्जे तथा अन्य भूमि संबंधी विवादों की अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उन्हें प्राथमिकता से चिह्नित किया जाए। ऐसे गांवों में 1 नवंबर से विशेष अभियान चलाकर संबंधित उपजिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चौपालों का आयोजन सुनिश्चित कराएं। चौपालों में राजस्व, तहसील एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनें और उनका नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण समाधान कराएं।उन्होंने कहा कि चकरोडों पर अवैध कब्जे, खेतों की मेड़बंदी तथा रास्तों से संबंधित विवादों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न की जाए। संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का सत्यापन करें तथा आवश्यकतानुसार संयुक्त टीम के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित कराएं। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। अभियान के दौरान प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण की नियमित समीक्षा भी की जाए।

 

 

 

 

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