सपा नेताओं ने धीरेन्द्र शास्त्री का फूंका पुतला
शास्त्री के खिलाफ कठोर कार्यवाही हो: अखिलेश माही
तेजस टूडे सं.
अनुभव शुक्ला
रायबरेली। कथा वाचक धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के बारे अभद्र टिप्पणी किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रायबरेली के दर्जनों अधिवक्ताओं एवं सपा नेताओं ने धीरेन्द्र शास्त्री का पुतला फूंक कर अपना विरोध जताया है। साथ ही राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन जिलाधिकारी को देकर धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग किया है। अधिवक्ता एवं सपा नेता अखिलेश माही ने कहा कि माफी मांगने से भगवान श्री कृष्ण का जो अपमान किया गया है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती है। यह सोच समझ कर बोला गया बयान है मुझे तो लगता है कि कहीं भाजपा के इशारे पर तो नहीं धीरेंद्र शास्त्री से यह बुलवाया गया है। क्या यही कारण है बीजेपी और उसके समर्थक चुप हैं? अगर बीजेपी के इशारे पर नहीं बोला गया है तो कहाँ गए वो भावना आहत गैंग वाले लोग जिनकी भावनाए छुई-मुई की तरह आहत हो जाया करती है आज वे सभी चुप क्यों है? जिनकी भावनाएँ गोबर और गौमूत्र से प्रभावित होती है वो श्री कृष्ण के अपमान पर चुप क्यों है, यह सरकार और इसके समर्थक धर्म विरोधी हैं, कृष्ण विरोधी और राम विरोधी हैं।
देखा गया कि कुछ समय पहले जब रामायण पर एक फ़िल्म बनी थी तो मनोज मुंतशीर उर्फ़ मनोज शुक्ला ने घटिया स्तर के डायलॉग लिखे थे लेकिन तब भी किसी की भावना आहत नहीं हुई, क्योंकि ये झूठे और जातिवादी लोग हैं। इनकी भावनाएँ जाति और धर्म देखकर ही आहत होती है। सपा नेता आर पी राजन ने कहा कि भगवान कृष्ण जी की महिमा इतनी विशाल है कि कवि रसखान भी उनके भक्त थे और आज भी पूरी दुनिया में इसकान संस्थान द्वारा श्रीकृष्ण जी को पूजा जाता है। ढोंगी बाबा के खिलाफ कठोर कार्यवाही होनी चाहिए।
सपा नेता एवं अधिवक्ता राहुल निर्मल बागी ने कहा कि इन कथा वाचकों को प्रमोट करती है और जब हिंदू-मुस्लिम करने से काम नहीं चल रहा तो भगवानों में भेदभाव करवाया जा रहा है। हम सभी के लिए राम और कृष्ण बराबर हैं हमारे आराध्य हैं, बीजेपी सनातन की ठेकेदार बनती है लेकिन भगवान श्री कृष्ण के अपमान के बाद उसकी चुप्पी से स्पष्ट हो गया कि उसका धार्मिक प्रेम सिर्फ एक छलावा है। पुतला दहन और ज्ञापन के दौरान शिव कुमार अग्रहरि एडवोकेट, विभव यादव एडवोकेट, ऋषभ सेन एडवोकेट, विश्वास दुबे एडवोकेट, राजेश यादव एडवोकेट, केडी यादव, अनूप लोधी, दीपक यादव, अखिलेश, मनीष, संजय यादव, अखिलेश यादव एडवोकेट सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।











