राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कई प्रस्ताव पारित
संगठन में असीमित ताकत: बालेश्वर दयाल
महेश्वर का नाम बदलकर सहस्त्रार्जुन धाम रखा जाय
डॉ काशी प्रसाद जायसवाल को मरणोपरांत भारत रत्न मिले
राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर हेमराज का कार्यकाल दो साल तक बढ़ी
इन्दौर। अखिल भारतीय जायसवाल (सर्ववर्गीय) महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक इंदौर के पुंजापुरा में हुई जिसकी अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर हेमराज जायसवाल व संचालन राष्ट्रीय महासचिव पूरन चन्द झारीवाल ने किया। बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि मुख्य संरक्षक बालेश्वर दयाल जायसवाल ने संगठन पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि संगठन में असिमित ताकत है। संगठन के एकीकरण पर भी चर्चा करते हुए कहा कि एकीकरण का स्वागत मै भी करता हूं। वार्ता हेतु 7 सदस्यों की टीम गठित करने का भी ऐलान किया जिसका अनुमोदन सर्वसम्मति से कार्यकारिणी ने कर दिया।
राष्ट्रीय महासचिव पूरन झालीवाल ने बताया कि डा. काशी प्रसाद जायसवाल के संदर्भ बनाने के लिए उ.प्र. अध्यक्ष ध्रुवचन्द जायसवाल, डॉ अरुण मोहन भारवि, डॉ संगम लाल जायसवाल प्रस्ताव बनाकर महासभा को देंगे जो केन्द्र सरकार को भेजा जायेगा। इसी क्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर हेमराज का कार्यकाल दो साल की अवधि अब से बढ़ाने का सर्वसम्मति से पारित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जायसवाल ने महेश्वर का नाम भगवान सहस्त्रार्जुन-धाम रखने की मांग किया।
उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ध्रुवचन्द जायसवाल ने प्रस्ताव रखा कि डा. काशी प्रसाद जायसवाल को भारत सरकार द्वारा मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाय जिसका समर्थन करतल ध्वनि से राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने किया।
इसके लिए 7 सदस्यों की टीम गठित हुइ्र जिसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली अन्य प्रदेशों से प्रदेश अध्यक्षों सहित पदाधिकारी बनाये जायं। अपनी योजना अनुसार कार्य करें जो भारत रत्न दिलाने का प्रयास करे। बैठक को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, दिल्ली के पदाधिकारियों ने अपने प्रदेश की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मदन लाल जायसवाल अहमदाबाद ने कहा कि प्रत्येक राज्यों में प्रतिवर्ष कम से कम चार कार्यक्रम करने का दिशा निर्देश राष्ट्रीय स्तर लागू किया जाय जिससे कोरोना काल में आई शिथिलता की पूर्ति की जा सके। बैठक को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. संगम लाल जायसवाल ने कहा कि समाज को उन्नत के शिखर पर ले जाने के लिए पांच सोपानों की चर्चा की। 1. वादा, व्यक्ति को खुद से वादा करना पड़ेगा, 2. लक्ष्य, सदैव लच्छ ऊंचा रखना चाहिए, 3. मूल्यांकन, अपने कार्यो का मूल्यांकन स्वयं करना चाहिए, 4. सोच, सदैव सोच सकारात्मक रखना चाहिए, 5. कार्य योजना, किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी कार्य-योजना बदलनी चाहिए, क्योंकि यही कार्य की सफलता की आधारशिला है। राष्ट्रीय वरिष्ठ सचिव डॉ. अमरनाथ जायसवाल ने उत्तर प्रदेश के प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संगठन के विस्तार हेतु सभाएं एवं दौरा हुआ और राजनीति में सहभागिता के लिए मार्ग दर्शन प्रदान किया। साथ ही सहयोग देने का विश्वास भी महासभा द्वारा दिलाया। नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम के चुनाव में महासभा कार्य योजना बनाई गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश के प्रदेश महिला अध्यक्ष मीना जायसवाल, प्रदेश संयोजिका प्रीति रानी, रामरती देवी जायसवाल एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव जायसवाल, डॉ हर्षा जायसवाल, दिल्ली से राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष आदित्य वर्धनम, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष लोकेश जायसवाल, राष्ट्रीय सचिव नरेश धनावत, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, बिहार से डॉ. पी.के., बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पीके चौधरी, डॉ अरुण मोहन भारवि, महाराष्ट्र के नासिक से जयंत कांगडे, राष्ट्रीय महिला महासचिव तमन्ना सुवालका, राष्ट्रीय सचिव अर्जुन सिंह जायसवाल नीमच, योगेश इन्दौर, सुनील, पंकज, नीतू, मधु, अंजु जायसवाल, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ताराचंद माहुर आदि ने भी विचार व्यक्त किये। अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष किशोर हेमराज ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान महासभा की ओर से दिवंगत पूर्व राष्ट्रीय संरक्षक बद्री प्रसाद जायसवाल, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष धनोज जायसवाल देवरिया सहित कोरोना वायरस से देवलोक हुए सभी स्वजातीय लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।











