Homeऔरैया।ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहे नरकीय जीवन

ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहे नरकीय जीवन

ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहे नरकीय जीवन

सचिव की हिटलरशाही के आगे गांव के बाशिंदों में खौफ
तेजस टूडे ब्यूरो
गुरदीप सिंह
औरैया। विकास खण्ड भाग्यनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुढ़ी में आज भी मूलभूत सुविधाओं से वन्चित है यहॉ के बाशिन्दे नरकीय जीवन जीने को विवश है। किसी के पास आवास नहीं है तो किसी के पास शौचालय नहीं है। सड़क बनी मगर जगह—जगह गड्डे हादसा को दावत दे रहे हैं। ग्राम पंचायत में तैनात सचिव को सफेदपोश का संरक्षण मिलने से हिटलरशाही अन्दाज में काम कर रहे हैं। एक नजर सफाई व्यवस्था को देखे तो नालियां गंन्दगी से बजबजा रही है। गांव में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है गांव में जल निकासी न होने से बनी नालियां पूरी तरह से कूड़े-कचरे से पट गई हैं। नालियों में पानी इकट्ठा होने से गांव की सड़कों पर गन्दगी फैली हुई है।
ग्रामवासियों को गदगी के कारण संक्रमण बीमारी फैलने की चिंन्ता सता रही है। गांव में फैली बदबू फैलने से जीना दुश्वार हो गया है।शासन द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छता मिशन की इस गांव में खिल्लिया उडाई जा रही है। इस ग्राम पंचायत में स्वच्छता अभियान पूरी तरह फ्लाप साबित हो रहा है। ग्राम पंचायत मुढ़ी की दलित प्रधान से सचिव मनमाने तरीके से काम ले रहे हैं।
गांव के लोगों ने जिस आशा और विश्वास के साथ प्रधान चुना था, उस पर खरा उतरने का प्रयास तो कर रही, मगर सचिव की दूषित कार्यशैली के चलते असहाय सी नजर आ रही है। दलित महिला होने का पूरा लाभ उठा रहे है। इसमें गांव में¨हिन्दू, मुस्लिम सभी धर्म व जाति के लोग निवास करते हैं और मूलभूत जैसी सुविधाओं से आज भी वंचित है। ग्राम पंचायत का कितना विकास हुआ है। यह धरातल पर नजर आ रहा है। क्या इस ग्राम पंचायत को कोई भी बजट नहीं दिया जाता है अगर दिया जाता है तो जाता कहां है?ग्रामीणों को सुविधाओं के नाम पर नरकीय जीवन यापन कर रहे हैं। पंचायत का मुखिया सचिव के कोप भजन का शिकार है। साफ-सफाई करने के लिए वर्तमान में सफाई कर्मी तैनात है लेकिन वह गांव में सफाई नही करता है, इससे गांव की गलियो में गंदगी का ढेर लगा हुआ है। घरों का गंदा पानी सड़कों पर वह रहा है। ग्राम पंचायत से नालियों का निर्माण गुणवत्ता पूर्वक नहीं कराया है जिससे कुछ नालिया उखड़ी पड़ी है।
ग्राम पंचायत में तैनात सचिव अंशुल मिश्रा की खाऊ कमाऊ नीति के चलते ग्रामीणों का जीवन नरकीय बना दिया गया है। बताते हैं कि यह सचिव लम्बे समय से ब्लाक में तैनात है। उसकी तैनाती उसी पंचायत में की जाती है जिसमें महिला प्रधान हो अपनी मनमानी के चलते ग्रामीणों को परेशान करता रहता है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है। सचिव सरकारी धन से मौज—मस्ती कर रहा है। इस ग्राम पंचायत में महिला प्रधान होने से उसका पूरा लाभ उठा रहा है। गांव में सचिव का रौब चल रहा है, इसलिए नालियों की सफाई नहीं हुई है और नालियों में गन्दे पानी का प्रवाह ठीक से नहीं हो पा रहा है जिससे नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। इससे उठ रही दुर्गंध ग्रामीणों के लिए फजीहत बनी है। नालियों का पानी सड़को पर बह रहा है जिससे लोगों का सड़क पर निकलना दुर्लभ हो गया है। गांव में बने आर आर सी सेंटर भी बन्द पड़ा है।
इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में स्वच्छता मिशन के तहत साफ-सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। इस स्वच्छता अभियान को उक्त ग्राम पंचायत ठेगा दिखा रही है। ग्रामीणों ने साफ-सफाई कराये जाने की मांग की है।

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