52 साल से मरोल में हो रहा रामलीला का मंचन, हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल
स्थानीय बच्चे निभा रहे पात्रों की भूमिका, रामलीला देखने उमड़ रही लोगों की भीड़
तेजस टूडे ब्यूरो
मुम्बई। अंधेरी (पूर्व) के मरोल एयरपोर्ट लाइन स्थित रामलीला मैदान पर आदर्श रामलीला कला मंडल की ओर से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रामलीला देखने के लिए क्षेत्र के लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंडल पिछले 52 वर्षों से लगातार रामलीला का आयोजन कर रहा है। इसकी खासियत यह है कि रामलीला के सभी पात्र स्थानीय बच्चे हैं। वहीं आयोजन में हिंदू समाज के साथ मुस्लिम समाज के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं जो आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की मिसाल है।
आदर्श रामलीला कला मंडल के अध्यक्ष कृपाशंकर शुक्ल ने बताया कि मंडल की ओर से पिछले 52 वर्षों से लगातार रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम को रामलीला में शूर्पणखा चरित्र, खर-दूषण वध, सीता हरण और शबरी आश्रम के प्रसंगों का मंचन किया गया। इन प्रसंगों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
श्री शुक्ल ने कहा कि रामलीला के माध्यम से लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, सनातन संस्कृति एवं हिंदू धर्म की रक्षा करने और समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने का संदेश दिया जा रहा है। इस अवसर पर मंडल के संरक्षक आर.आर. मिश्रा, प्रमुख सलाहकार एड. संदीप राजमणि शुक्ल, संचालक राकेश शुक्ल, हरिवंश सिंह, ओंकार सिंह, राहुल उपाध्याय, अनीश दीक्षित, विजय राजभर, सतीश शुक्ल, नीलम सिंह, चंद्रकांत मिश्र, उमेश गुप्ता, हेमंत मिश्र, निर्भय सिंह, शिव प्रसाद सिंह, ओम प्रकाश शुक्ला, प्रशांत दूबे, सुनील ल. पाण्डेय, अविनाश उपाध्याय, सज्जन कुमार, संजय पाण्डेय, प्रवीण तिवारी, यासीन मास्टर, अमित शास्त्री सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।













