राजा भैया को लगा बड़ा झटका, जब हुआ ऐसा, पढ़िए पूरी खबर…
प्रतापगढ़। कुंडा के बाहुबली विधायक राजा भैया के करीबी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपाल को मंगलवार को बड़ा झटका लगा है। फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में अक्षय प्रताप सिंह पर कोर्ट ने दोष सिद्ध पाया है। अब 22 मार्च को सजा सुनाई जाएगी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान एमएलसी हालांकि कोर्ट में मौजूद नहीं थे।
6 सितंबर 1997 को अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ नगर कोतवाली में एसआई डीपी शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस संबंध में एसआई अशर्फीलाल ने रिपोर्ट दी थी और एसआई दूधनाथ ने संस्तुति की थी। एफआईआर में कहा गया कि जामो बेती कुंडा के अक्षय प्रताप सिंह ने शहर में रोडवेज बस अड्डे के पते पर शस्त्र लाइसेंस लिया। जांच में पता सही नहीं पाया गया।

मंगलवार को मामले की सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश बलराम दास जायसवाल ने अक्षय प्रताप पर दोषसिद्ध पाया। अक्षय प्रताप सिंह ने कोर्ट में मौजूदगी से हाजिरी माफी के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। अब कोर्ट ने सजा सुनाने के लिए 22 मार्च की तारीख तय की है।
अक्षय प्रताप कुंडा विधायक राजा भैया के करीबी और रिश्तेदार हैं। वह प्रतापगढ़ में तीन बार से एमएलसी और एक बार सांसद रह चुके हैं। राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक ने इस बार भी अक्षय प्रताप को एमएलसी उम्मीदवार घोषित किया है। पिछली बार गोपालजी सपा के टिकट पर निर्विरोध एमएलसी निर्वाचित हुए थे। सजा होने पर एमएलसी चुनाव लड़ने पर ग्रहण लग सकता है।
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