HomeTrendingबीएचयू के दक्षिणी परिसर में राष्ट्रीय सम्मेलन एवं 'फूडस्पार्क-5.0' आयोजित

बीएचयू के दक्षिणी परिसर में राष्ट्रीय सम्मेलन एवं ‘फूडस्पार्क-5.0’ आयोजित

  • बीएचयू के दक्षिणी परिसर में राष्ट्रीय सम्मेलन एवं ‘फूडस्पार्क-5.0’ आयोजित

तेजस टूडे ब्यूरो
मिर्जापुर। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर बरकछा स्थित डीडीयू कौशल केंद्र, कला संकाय के खाद्य प्रसंस्करण एवं प्रबंधन कार्यक्रम तथा पर्यावरण एवं सतत विकास संस्थान बीएचयू के संयुक्त तत्वावधान में विश्व खाद्य दिवस-2026 पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन का विषय “सतत खाद्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण में नवाचार: खाद्य, स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण के बीच समन्वय” था। सम्मेलन के साथ ‘फूडस्पार्क-5.0’ के अंतर्गत विश्व खाद्य दिवस समारोह भी आयोजित हुआ।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य खाद्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में सतत नवाचार, वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतर्विषयी सहयोग को प्रोत्साहित करना तथा खाद्य सुरक्षा, मानव स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण संरक्षण के बीच पारस्परिक संबंधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। उक्त आयोजन में शिक्षकों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद के सदस्य एवं पूर्व भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. आशीष बाजपेयी, निदेशक, प्रबंधन अध्ययन संस्थान; प्रो. अनीता सिंह, प्रोफेसर एवं अंग्रेजी विभाग की पूर्व अध्यक्ष, कला संकाय; तथा प्रो. आशीष श्रीवास्तव, अधिष्ठाता, अकादमिक एवं अनुसंधान, अंतर-विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा केंद्र, बीएचयू शामिल रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
उक्त अवसर पर राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बी.एम.एन. कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया एवं सम्मेलन का अध्यक्षीय संबोधन कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो. सुषमा घिल्डियाल ने प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि डॉ. पांडेय ने विद्यार्थियों के सामाजिक एवं नैतिक दायित्वों पर विशेष बल दिया। साथ ही कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने तथा अपने ज्ञान एवं कौशल का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करने के लिए प्रेरित किया।
सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) पी.पी. गोथवाल मुख्य वैज्ञानिक एवं प्रमुख सीएसआईआर–केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (CSIR-CFTRI) लखनऊ उत्तर प्रदेश उपस्थित रहे। मुख्य वक्ताओं में प्रो. (डॉ.) अनुराग सिंह प्रबंधन अध्ययन संस्थान बीएचयू तथा डॉ. अभिषेक दत्त त्रिपाठी डेयरी विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग शामिल रहे।
सम्मेलन के संयोजक डॉ. आर.एस. मिश्रा एवं डॉ. जय प्रकाश वर्मा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त किया तथा सम्मेलन में शामिल विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों, वैज्ञानिकों सहित अन्य प्रतिभागियों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन सम्मेलन की आयोजन सचिव डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने किया। सम्मेलन के सह-संयोजक डॉ. कुलदीप बौद्ध ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, आयोजन समिति, शिक्षकगण, विद्यार्थियों, कर्मचारियों तथा आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उक्त अवसर पर राजीव गांधी दक्षिणी परिसर डीडीयू कौशल केंद्र, संबंधित विभागों के शिक्षकगण प्रो डॉ राघवेंद्र मिश्रा, डॉ प्रिया सिंह असि.प्रो. हॉस्पिटलिटी, टूरिज्म मैंनजमेंट एवं शोधार्थी, छात्र-छात्राएँ, कर्मचारी एवं मीडिया जागरूकता से वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण गोपाल वर्मा आदि उपस्थित रहे।

 

 

 

 

 

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